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दिल्ली में छोटे अपराधों पर जेल नहीं: रेखा गुप्ता कैबिनेट ने पास किया ‘जन विश्वास बिल’, जानिए पूरी डिटेल

दिल्ली में छोटे अपराधों पर जेल नहीं: रेखा गुप्ता कैबिनेट ने पास किया ‘जन विश्वास बिल’, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025: दिल्ली में छोटे-मोटे नियम उल्लंघनों पर अब जेल जाने का डर खत्म हो सकता है! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली कैबिनेट ने दिल्ली जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। यह बिल छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर सिर्फ जुर्माना या सिविल पेनल्टी लगाने का प्रावधान करता है। इसका मकसद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देना है, साथ ही अदालतों पर बोझ कम करना। बिल आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।

बिल की मुख्य बातें

क्या बदलेगा? कई कानूनों में छोटे, तकनीकी और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों पर जेल की सजा की जगह जुर्माना या चेतावनी का प्रावधान।

किन कानूनों में संशोधन? बिल 7 दिल्ली कानूनों को कवर करता है:

दिल्ली औद्योगिक विकास, संचालन और रखरखाव अधिनियम, 2010

दिल्ली दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 1954

दिल्ली ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान अधिनियम, 2007

दिल्ली कृषि उत्पाद विपणन (विनियमन) अधिनियम, 1998

दिल्ली जल बोर्ड अधिनियम, 1998

दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज/संस्थान अधिनियम, 2007

दिल्ली डिप्लोमा स्तर तकनीकी शिक्षा संस्थान अधिनियम, 2007

जुर्माने का प्रावधान: हर तीन साल में जुर्माना 10% ऑटोमैटिक बढ़ेगा, ताकि महंगाई के साथ तालमेल रहे।

गंभीर अपराध अप्रभावित: सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन से जुड़े गंभीर अपराधों पर सख्त सजा बरकरार।

अपील का अधिकार: पेनल्टी पर अपील की व्यवस्था।

क्यों लाया गया यह बिल?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जन विश्वास’ इनिशिएटिव से प्रेरित है। केंद्र सरकार ने 2023/2025 में जन विश्वास अधिनियम से केंद्रीय कानूनों में छोटे अपराधों को अपराधमुक्त किया था। दिल्ली ने भी अपनी कानूनों की समीक्षा कर यह कदम उठाया। इससे कारोबारियों, दुकानदारों और आम लोगों को अनावश्यक कानूनी झंझटों से राहत मिलेगी।

वित्त विभाग ने कोई आपत्ति नहीं जताई, और बिल लागू करने में अतिरिक्त खर्च या नए पद नहीं चाहिए। नए साल में दिल्ली में व्यापार और जीवन आसान होने की उम्मीद!

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