ट्रंप की सनसनीखेज घोषणा: थाईलैंड-कंबोडिया सीजफायर में अमेरिका बनेगा मुख्य मध्यस्थ, बोले- ‘अब हम ही असली UN’
ट्रंप की सनसनीखेज घोषणा: थाईलैंड-कंबोडिया सीजफायर में अमेरिका बनेगा मुख्य मध्यस्थ, बोले- ‘अब हम ही असली UN’
वॉशिंगटन/बैंकॉक, 28 दिसंबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बढ़ते सीमा विवाद को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब इस क्षेत्र में शांति की पहल करेगा और दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौते में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा। ट्रंप ने इसे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की जीत बताते हुए तंज कसा कि “अब अमेरिका ही असली यूनाइटेड नेशंस है। पुराना UN सिर्फ कागजों का ढेर है, हम कार्रवाई करेंगे।”
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब थाईलैंड और कंबोडिया के बीच प्राचीन प्रेय विहार मंदिर के आसपास सीमा पर तनाव चरम पर है। दिसंबर की शुरुआत में दोनों देशों की सेनाओं में झड़प हुई थी, जिसमें 12 सैनिक मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र ने मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन दोनों देशों ने इसे ठुकरा दिया। ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने थाई पीएम और कंबोडियन नेता से बात की। वे अमेरिका की मदद चाहते हैं। हम सीजफायर लागू करेंगे और बॉर्डर डिमार्केशन में मदद देंगे। UN ने कभी कुछ नहीं किया, हम करेंगे।”
ट्रंप की टीम के मुताबिक, अगले हफ्ते बैंकॉक में त्रिपक्षीय वार्ता होगी, जहां अमेरिकी राजदूत मध्यस्थ होंगे। थाईलैंड के प्रधानमंत्री सेट्टा थाविसिन ने ट्रंप की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि अमेरिका की भूमिका से शांति संभव है। वहीं, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन माने ने सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे UN की बजाय अमेरिका पर ज्यादा भरोसा करते हैं, लेकिन संप्रभुता का सम्मान जरूरी है।
ट्रंप का यह कदम उनकी विदेश नीति को रेखांकित करता है, जहां उन्होंने UN को ‘नाकाम’ बताकर अमेरिका को वैश्विक शांतिदूत बनाने की कोशिश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोषणा एशिया में अमेरिका की उपस्थिति बढ़ाने की रणनीति है, खासकर चीन के प्रभाव के खिलाफ। हालांकि, UN महासचिव ने इसे ‘दखलंदाजी’ करार दिया। ट्रंप ने जवाब में कहा, “UN को चेक भेजते रहो, हम काम करेंगे।” यह घटना वैश्विक कूटनीति में नया मोड़ ला सकती है।
