उत्तराखंड में AI वीडियो से सियासी बवाल! हरीश रावत ने BJP पर लगाया झूठा प्रचार का आरोप, FIR और धरने की दी चेतावनी
उत्तराखंड में AI वीडियो से सियासी बवाल! हरीश रावत ने BJP पर लगाया झूठा प्रचार का आरोप, FIR और धरने की दी चेतावनी
देहरादून, 22 दिसंबर 2025: उत्तराखंड की राजनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब विवाद का नया हथियार बन गया है। उत्तराखंड BJP के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का एक AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया गया, जिसमें उन्हें मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए दिखाया गया है। वीडियो में ‘मजार शरणम गच्छामि’ जैसे ऑडियो और देवभूमि की संस्कृति बदलने के दृश्य जोड़े गए हैं।
इस वीडियो ने कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया है। हरीश रावत ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए BJP से तुरंत माफी मांगने और वीडियो डिलीट करने की मांग की है। रावत ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे FIR दर्ज कराएंगे, चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे, BJP प्रदेश मुख्यालय पर 7 दिन तक धरना देंगे और कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
हरीश रावत का आक्रामक तेवर: पूर्व CM ने BJP पर कड़े शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा, “सारे भाजपा के लोग झूठे-लब्बार हैं। झूठ की राजनीति अब बर्दाश्त नहीं। मैं उन्हें दिखाऊंगा कि बेरोजगारी किसकी होती है। कांग्रेस तो टेंपरेरी बेरोजगार है, हम भाजपा को उत्तराखंड से स्थाई रूप से बेरोजगार बनाएंगे।” रावत ने BJP को रावण के वंशज तक कह डाला।
BJP का पक्ष: उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने वीडियो का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति की धारणा वास्तविकता पर आधारित है और रावत की धमकियां सामान्य राजनीतिक हथकंडा हैं। BJP ने वीडियो डिलीट करने से इनकार कर दिया है।
पृष्ठभूमि: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में सियासी सरगर्मी तेज है। कांग्रेस धराली आपदा, वन्य जीव हमले जैसे मुद्दों पर जनाधार बना रही थी, लेकिन यह AI वीडियो विवाद कांग्रेस के अभियान को डैमेज कंट्रोल मोड में ले आया। पहले हरक सिंह रावत के बयान ने भी मुद्दे भटकाए थे। अब AI का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर से राज्य स्तर पर आ गया है।
यह विवाद उत्तराखंड में चुनावी नैतिकता और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग पर बहस छेड़ सकता है। आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
