राजनीति

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP की तीखी रणनीति, TMC पर भ्रष्टाचार और हिंसा से वार, ममता की ‘ढाल’ बनेंगी महिलाएं और योजनाएं

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP की तीखी रणनीति, TMC पर भ्रष्टाचार और हिंसा से वार, ममता की ‘ढाल’ बनेंगी महिलाएं और योजनाएं

कोलकाता, 21 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जंग छिड़ने वाली है। भाजपा ने TMC पर चोट करने के लिए मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, चुनावी हिंसा और विकास की कमी को हथियार बनाया है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं, सामाजिक योजनाओं और स्थानीय नेताओं को अपनी ‘ढाल’ बनाकर मैदान में उतर रही हैं। चुनाव आयोग ने अप्रैल-मई 2026 में मतदान की संभावना जताई है।

भाजपा की रणनीति: पार्टी ने हाल के लोकसभा चुनावों में मिली 12 सीटों से सबक लिया है। नेता सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष जैसे फायरब्रांड TMC के ‘कट मनी’ स्कैंडल, शिक्षक भर्ती घोटाला और संदेशखाली हिंसा को मुद्दा बनाएंगे। भाजपा का फोकस उत्तर बंगाल, जंगलमहल और कोलकाता के शहरी इलाकों पर है, जहां हिंदुत्व और विकास का कार्ड चलेगा। पीएम मोदी और अमित शाह की रैलियां TMC को ‘भ्रष्ट परिवारवाद’ बताकर घेरेंगी। पार्टी ने 150 सीटों का लक्ष्य रखा है, और CAA-NRC को फिर से उठाकर मुस्लिम वोट बैंक को तोड़ने की कोशिश करेगी।

ममता की काट: दीदी ने ‘लक्ष्मीर भंडार’, ‘कन्याश्री’ और ‘दुआरे सरकार’ जैसी योजनाओं को ढाल बनाया है। महिलाओं को मुख्य फोकस में रखा गया है, क्योंकि 2021 में महिला वोटर्स ने TMC को जिताया था। अब्दुल करीम चौधरी और फिरहाद हकीम जैसे मुस्लिम नेता अल्पसंख्यक वोटों की रक्षा करेंगे। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘बाहरी’ है और बंगाल की संस्कृति को नष्ट कर रही है। TMC का दावा है कि 200+ सीटें आएंगी, और वे विकास, रोजगार और स्वास्थ्य पर जोर देंगी।

विपक्षी दलों की भूमिका: कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन भी मैदान में हैं, लेकिन उनका प्रभाव कम है। आईएसएफ और अन्य छोटे दल वोट काट सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि यह चुनाव ममता की विरासत और भाजपा की विस्तार की परीक्षा है। प्रचार अभियान जनवरी से तेज होगा।

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