उत्तराखंड

देहरादून में वायु प्रदूषण का कहर: AQI 200-300 के पार, नए साल से पहले सांस लेना मुश्किल!

देहरादून में वायु प्रदूषण का कहर: AQI 200-300 के पार, नए साल से पहले सांस लेना मुश्किल!

देहरादून, 17 दिसंबर 2025: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, जो कभी स्वच्छ हवा और सुहावने मौसम के लिए मशहूर थी, अब वायु प्रदूषण की गंभीर मार झेल रही है। दिसंबर में लगातार खराब होती हवा ने शहरवासियों और पर्यटकों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को देहरादून का AQI 207 से 281 तक रिकॉर्ड किया गया, जो ‘पुअर’ से ‘सीवियर’ कैटेगरी में आता है। कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर यह 300 के पार भी पहुंच चुका है। PM2.5 का स्तर 150-193 µg/m³ और PM10 193-253 µg/m³ तक दर्ज हुआ, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

क्यों बिगड़ रही है देहरादून की हवा?

मौसमी कारण: दिसंबर में हवा की स्थिरता (इनवर्जन) के कारण प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते और शहर में जमा हो जाते हैं।

बारिश की कमी: लंबे समय से वर्षा नहीं होने से धूल और कण हवा में बने हुए हैं।

पर्यटकों का बढ़ता दबाव: नए साल से पहले मसूरी और देहरादून में पर्यटकों की भारी आमद। वाहनों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक जाम और उत्सर्जन।

अन्य कारण: खुले में अलाव, कैंप फायर, कोयला भट्टियां और निर्माण कार्यों से धुआं। मुख्य पर्यावरण अधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि पर्यटक गतिविधियां प्रदूषण का बड़ा कारण बन रही हैं।

स्वास्थ्य पर असर

AQI 201-300 (‘वेरी पुअर’) में सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और हृदय रोगियों को गंभीर खतरा।

बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषण से फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं।

प्रशासन क्या कर रहा?

जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को अलाव और खुले में जलाने से रोकने की अपील।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए मॉनिटरिंग बढ़ाई गई।

हालांकि, सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर। वाहन पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और पेड़ लगाने जैसे कदम सुझाए जा रहे।

देहरादून के निवासी और दिल्ली से भागकर आए पर्यटक हैरान हैं कि ‘स्वच्छ हवा’ वाली जगह भी अब दिल्ली जैसी हो गई। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो नए साल का जश्न धुंध में खो सकता है।

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