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भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: MH-60R ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर की दूसरी स्क्वाड्रन शामिल

भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: MH-60R ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर की दूसरी स्क्वाड्रन शामिल

गोवा, 17 दिसंबर 2025: भारतीय नौसेना ने आज अपनी समुद्री क्षमता को नई ऊंचाई दी है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की मौजूदगी में गोवा के आईएनएस हंसा नौसैनिक अड्डे पर MH-60R ‘रोमियो’ मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की दूसरी स्क्वाड्रन INAS 335 ‘ओस्प्रे’ को औपचारिक रूप से कमीशन किया गया। यह स्क्वाड्रन समुद्र की गहराइयों में छिपे दुश्मन पनडुब्बियों का शिकार करने में माहिर है और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच नौसेना की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाएगी।

अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित MH-60R ‘रोमियो’ दुनिया का सबसे उन्नत मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर माना जाता है। यह मुख्य रूप से पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW) और सतही जहाज-रोधी युद्ध (ASuW) के लिए डिजाइन किया गया है। हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक मल्टी-मोड रडार, डिपिंग सोनार, सोनोबॉय और इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स से लैस है, जो समुद्र की सतह और गहराई दोनों की पूरी तस्वीर प्रदान करता है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं हेलफायर मिसाइलें, Mk-54 टॉरपीडो और एडवांस्ड प्रेसिजन किल वेपन सिस्टम रॉकेट, जो सैकड़ों मीटर गहराई में छिपी पनडुब्बियों को आसानी से नष्ट कर सकते हैं। सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट में चैफ और इन्फ्रारेड फ्लेयर्स शामिल हैं, जो खतरे का पता लगते ही स्वत: सक्रिय हो जाते हैं। यह सर्च एंड रेस्क्यू, मेडिकल इवैक्यूएशन और वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट जैसे अन्य मिशनों में भी सक्षम है।

भारत ने 2020 में अमेरिका से 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों की खरीद की डील की थी, जिनकी डिलीवरी 2025 तक पूरी हो जाएगी। पहली स्क्वाड्रन पहले ही ऑपरेशनल है। यह इंडक्शन हिंद महासागर में बढ़ती चीनी और पाकिस्तानी पनडुब्बी गतिविधियों के खिलाफ मजबूत जवाब है। नौसेना की यह नई ताकत समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और अटूट बनाएगी।

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