नेशनल हेराल्ड केस: ED का ‘झोल’ फंस गया, गांधी परिवार को मिली बड़ी राहत, आगे क्या होगा?
नेशनल हेराल्ड केस: ED का ‘झोल’ फंस गया, गांधी परिवार को मिली बड़ी राहत, आगे क्या होगा?
नई दिल्ली, 16 दिसंबर 2025: नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। ED का केस बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर आधारित था, न कि किसी FIR पर। कोर्ट ने कहा कि PMLA केस तब तक वैध नहीं जब तक कोई पूर्व अपराध (predicate offence) की FIR न हो। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पहले ही FIR दर्ज की है, इसलिए ED का दावा समय से पहले और अनुचित है।
यह फैसला सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के लिए अस्थायी राहत है। कांग्रेस ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया और कहा कि मोदी सरकार की राजनीतिक बदले की साजिश बेनकाब हो गई। अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे बीजेपी की हार करार दिया, जबकि बीजेपी नेता तरुण चुघ ने कांग्रेस पर पलटवार किया। शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे राजनीतिक witch hunt कहा।
राहत कितनी बड़ी? यह ED की कार्यवाही पर ब्रेक लगाता है, जो पिछले दशक से गांधी परिवार को निशाना बना रही थी। मामले में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के कथित हस्तांतरण पर आरोप थे। गांधी परिवार YIL में 76% शेयरधारक हैं।
आगे क्या? ED जांच जारी रख सकता है और कोर्ट के आदेश को चुनौती देगा। अपील हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है। कांग्रेस इसे सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ जीत मान रही है, लेकिन कानूनी लड़ाई लंबी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि FIR की कमी ED के ‘झोल’ को उजागर करती है, जो आगे की सुनवाई प्रभावित करेगी।
