यूपी BJP अध्यक्ष पद पर पंकज चौधरी का कब्जा तय! कल नामांकन, 14 दिसंबर को ऐलान से पहले हाईकमान की मुहर
यूपी BJP अध्यक्ष पद पर पंकज चौधरी का कब्जा तय! कल नामांकन, 14 दिसंबर को ऐलान से पहले हाईकमान की मुहर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक चुनाव की घड़ी तेज हो गई है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को राज्य BJP अध्यक्ष पद के लिए फ्रंटरनर बनते हुए देखा जा रहा है। पार्टी के आंतरिक स्रोतों के मुताबिक, कल (13 दिसंबर) वे नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं, जबकि 14 दिसंबर को औपचारिक ऐलान हो जाएगा। यह फैसला 2027 विधानसभा चुनावों और 2026 निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए OBC चेहरे को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
महराजगंज से सात बार सांसद रह चुके पंकज चौधरी, जो वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं, OBC समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं। पार्टी ने नामांकन प्रक्रिया के लिए केंद्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को नियुक्त किया है। नामांकन 13 दिसंबर को दोपहर 1 से 2 बजे तक लखनऊ स्थित BJP मुख्यालय में स्वीकार किए जाएंगे, जबकि जांच दोपहर 3 से 4 बजे होगी। वोटिंग की संभावना कम है, क्योंकि BJP परंपरागत रूप से सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुनती है। अगर जरूरी हुआ, तो 5 सांसद, 8 विधान परिषद सदस्य, 28 विधायक और 425 जिला-क्षेत्रीय अध्यक्ष वोट करेंगे।
वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त हो चुका है, और वे हाल ही में पीएम मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से मिले। अन्य दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति (निषाद OBC), राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा (लोधी OBC), मंत्री धर्मपाल सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, रामशंकर कठेरिया और कांता कारدام के नाम चर्चा में हैं। हाईकमान OBC लीडर को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि गैर-यादव OBC वोटरों को एकजुट किया जा सके।
राज्य चुनाव अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे ने कहा, “यह पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। BJP कैडर आधारित पार्टी है, परिवारवाद नहीं।” वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी कहा, “संगठन तैयार है, नामांकन कल, ऐलान परसों।” यह चुनाव 2025 संगठनात्मक चक्र का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के साथ चलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंकज चौधरी का चयन योगी सरकार के साथ केंद्र के तालमेल को मजबूत करेगा। क्या यह फैसला BJP को 2027 में फिर मजबूत बनाएगा? पार्टी की नजरें टिकी हैं।
