यूपी के 75 जिलों में ‘ऑपरेशन टॉर्च’ की धरपकड़ तेज: घुसपैठियों पर योगी सरकार का सख्त तंज, देखें कैसे चल रहा अभियान
यूपी के 75 जिलों में ‘ऑपरेशन टॉर्च’ की धरपकड़ तेज: घुसपैठियों पर योगी सरकार का सख्त तंज, देखें कैसे चल रहा अभियान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का ‘ऑपरेशन टॉर्च’ जोरों पर है। सभी 75 जिलों में रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी से संदिग्धों की तलाश हो रही है। मुख्य रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर निशाना साधा जा रहा है, जिनकी संख्या राज्य में करीब 10 लाख बताई जा रही है। 22 नवंबर 2025 को सीएम ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि घुसपैठियों की पहचान करें, अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाएं और सत्यापन के बाद डिपोर्ट करें। अब तक हजारों संदिग्धों की जांच हुई, कई गिरफ्तारियां भी।
अभियान का नाम ‘टॉर्च’ इसलिए पड़ा क्योंकि पुलिस रात में गुप्त रूप से टॉर्च जलाकर झुग्गी-झोपड़ियों, सड़क किनारे बस्तियों में पहुंचती है। दस्तावेजों—आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट—की सख्त जांच होती है। पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल बॉर्डर से आए लोगों पर फोकस है। मेरठ में 52 जगहों पर 6,500 संदिग्धों की पहचान की गई, 3,200 पर अभी संदेह। वाराणसी में 500 से ज्यादा संदिग्ध मिले, उन्हें एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया। संभल में 6 बांग्लादेशियों (3 महिलाएं सहित) को गिरफ्तार किया। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में देर रात सर्च ऑपरेशन चले, जहां झुग्गीवासियों के फोन नंबर तक चेक किए गए।
हर जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बने हैं, 18 मंडलों में हाई-टेक स्थायी सेंटर (सीसीटीवी, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी) तैयार। पश्चिमी यूपी में 15,000 क्षमता वाला बड़ा सेंटर बन रहा। फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर भी कार्रवाई, पूरी चेन की तलाश। बीजेपी वर्कर्स को BLOs के साथ सहयोग के लिए लगाया गया। वोटर लिस्ट रिविजन के तहत 99% फॉर्म डिजिटाइज्ड।
सीएम योगी ने जनता से अपील की, “किराए पर रखने से पहले पहचान जांचें।” गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय बयान के बाद यह ‘ऑपरेशन शुद्धिकरण’ तेज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कारगर, लेकिन 2027 चुनावों में BJP को सियासी फायदा भी। विपक्ष इसे ‘राजनीतिक स्टंट’ बता रहा, लेकिन सरकार का जोर—दोबारा एंट्री न हो। यूपी एटीएस ने पिछले 8 सालों में 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां कीं।
क्या यह अभियान घुसपैठ रोकेगा? दिसंबर में चरम पर है, दुनिया देख रही।
