ओम प्रकाश राजभर की ‘आरएसएस’: नीली वर्दी, पीला बैज और कमांडर पद – 2027 चुनाव से पहले नई ‘सेना’ का धमाका!
ओम प्रकाश राजभर की ‘आरएसएस’: नीली वर्दी, पीला बैज और कमांडर पद – 2027 चुनाव से पहले नई ‘सेना’ का धमाका!
उत्तर प्रदेश की सियासत में नया तड़का लग गया है। योगी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के संस्थापक ओम प्रकाश राजभर ने अपनी ‘आरएसएस’ खड़ी कर दी है। गौरतलब है, यह आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना’ (Rashtriya Suheldev Sena) है।
2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजभर ने इस सेना को औपचारिक रूप दिया, जिसमें सदस्यों को नीली वर्दी, कंधे पर पीला टैग (बैज) और हाथ में डंडा थमाया गया। आजमगढ़ के अतरौलिया डाक बंगले पर आयोजित कार्यक्रम में कमांडरों को वर्दी वितरित की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
राजभर ने सेना के सदस्यों को पद-प्रमोशन भी बांटे – कमांडर से लेकर DSP (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) स्तर तक। नीली वर्दी पर कंधे पर पीला बैज ओहदे का प्रतीक है, जबकि हाथ में लाठी संगठन की ताकत दिखाती है। सुभासपा महासचिव अरविंद राजभर ने फेसबुक पर पोस्ट किया, “ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना गांव-गांव तक पहुंचेगी। वंचितों की आवाज बुलंद करेंगे।”
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। यह सेना राजभर समुदाय (OBC) के वोट बैंक को मजबूत करने का हथियार बनेगी, जो पूर्वांचल में बीजेपी के लिए अहम है।
विपक्ष ने इसे ‘बवाली फौज’ करार दिया। सपा सांसद सनातन पांडेय ने तंज कसा, “राजभर राजनीति के दगे हुए कारतूस हैं, अब गुंडा टैग वाली सेना?” ABVP कार्यकर्ताओं ने भी राजभर का पुतला जलाया, आरोप लगाया कि वे समाज को गुंडागर्दी की ओर ले जा रहे हैं। लेकिन राजभर ने पलटवार किया, “यह सेना समाजसेवा के लिए है, न कि दंगे के लिए। हम राजभर समाज की एकजुटता दिखाएंगे।” सुभासपा का मुख्यालय वाराणसी के फतेहपुर में है, और इसका चुनाव चिन्ह पीला ध्वज व छड़ी है – जो अब इस नई सेना से मेल खा रहा है।
वीडियो में कमांडरों को वर्दी पहनाते राजभर की तस्वीरें वायरल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बीजेपी के साथ गठबंधन को मजबूत करेगा, लेकिन विपक्ष को नई चुनौती देगा। क्या यह सेना 2027 में पूर्वांचल का खेल बदल देगी? सियासत की इस नई ‘यूनिफॉर्म’ पर सबकी नजरें टिकी हैं!
