पूर्वांचल एक्सप्रेसवे CCTV स्कैंडल: CM शिकायत पर मैनेजर बर्खास्त, FIR दर्ज- ब्लैकमेलिंग का खुलासा
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे CCTV स्कैंडल: CM शिकायत पर मैनेजर बर्खास्त, FIR दर्ज- ब्लैकमेलिंग का खुलासा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लगे हाईटेक CCTV कैमरों का दुरुपयोग कर निजी वीडियो रिकॉर्ड करने और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल एक्शन लिया है। सुल्तानपुर के हलियापुर टोल प्लाजा पर तैनात एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि उसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित नवदंपति समेत 5-6 लोगों की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई, जिसमें आरोप है कि आरोपी ने यात्रियों के अंतरंग पलों को रिकॉर्ड कर लाखों रुपये वसूले।
मामला 2 दिसंबर को तब उजागर हुआ जब लखनऊ के एक नवविवाहित दंपति का कार के अंदर रोमांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जांच में पता चला कि यह फुटेज एक्सप्रेसवे के पैकेज-3 पर लगे आधिकारिक कैमरों का था, जो ट्रैफिक निगरानी के लिए NHAI के अधीन आउटसोर्स कंपनी सुपर वेव कम्युनिकेशन एंड इन्फ्रा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपे गए हैं। आशुतोष सरकार, जो ATMS का काम संभालता था, ने कैमरों की एक्सेस का गलत फायदा उठाया। पीड़ित पति ने बताया, ‘टोल से पहले कार रोकी थी, लेकिन मैनेजर ने वीडियो दिखाकर 32 हजार रुपये मांगे। पैसे देने के बाद भी वीडियो लीक कर दिया।’
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह पहला मामला नहीं। आशुतोष ने लंबे समय से कपल्स और आसपास के गांवों (जरईकला, हलियापुर, गौहनिया) की महिलाओं के वीडियो रिकॉर्ड किए। एक पीड़िता ने कहा, ‘वह पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ता था। धमकी देकर पैसे ऐंठता, वरना वीडियो वायरल।’ कुल 5-6 पीड़ितों ने 2 दिसंबर को CM योगी, सुल्तानपुर DM-SP और एक्सप्रेसवे अधिकारियों को पत्र लिखा। पत्र वायरल होने के बाद CMO ने तुरंत रिपोर्ट मांगी। कंपनी ने आशुतोष को बैकडेट (30 नवंबर 2025) से टर्मिनेट कर दिया और सभी एक्सेस बंद करा दिए।
FIR खमतरई थाने में IPC की धारा 354C (वॉयरिज्म), 385 (ब्लैकमेलिंग), 506 (धमकी) और IT एक्ट के तहत दर्ज हुई। पुलिस ने आशुतोष को हिरासत में ले लिया है। सुल्तानपुर SSP डॉ. अनिल कुमार ने कहा, ‘सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं। अन्य पीड़ितों से भी बयान लिए जाएंगे।’ NHAI ने कंपनी को नोटिस जारी कर सिस्टम की सुरक्षा जांच का आदेश दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ATMS कैमरों को प्राइवेसी के लिए रेगुलेट करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर लोग CCTV सिस्टम पर सवाल उठा रहे। विपक्ष ने सरकार को घेरा, लेकिन CMO ने इसे ‘जीरो टॉलरेंस’ का उदाहरण बताया। पीड़ित दंपति ने राहत जताई, लेकिन कहा कि न्याय मिलना चाहिए। क्या यह मामला और बड़े खुलासे लाएगा? जांच जारी है।
