जकार्ता में सात मंजिला इमारत में भीषण आग: 20 से ज्यादा की मौत, धुएं से दम घुटा, बचाव कार्य जारी
जकार्ता में सात मंजिला इमारत में भीषण आग: 20 से ज्यादा की मौत, धुएं से दम घुटा, बचाव कार्य जारी
जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मंगलवार दोपहर एक सात मंजिला ऑफिस बिल्डिंग में लगी आग ने भयानक रूप धारण कर लिया, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। मोटी काली धुंध से भरी यह आग इतनी तेजी से फैली कि कई कर्मचारी बाहर निकलने में नाकाम रहे। सेंट्रल जकार्ता पुलिस चीफ सुसात्यो पूर्नोमो कोन्ड्रो ने बताया कि मृतकों में 5 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी है। ज्यादातर मौतें जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने (एस्फिक्सिएशन) से हुईं। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग के अंदर फंसे संभावित लोगों की तलाश जारी है।
घटना दोपहर करीब 12 बजे की है, जब बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर एक बैटरी में विस्फोट हो गया। यह आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई, जहां कई कर्मचारी लंच ब्रेक पर थे। कुछ लोग बाहर चले गए थे, लेकिन जो अंदर फंसे, वे धुएं की चपेट में आ गए। स्थानीय ब्रॉडकास्टर कोम्पास टीवी के वीडियो में ऊपरी मंजिलों से निकलती लपटें और घने धुएं का भयावह नजारा दिखा। दर्जनों फायरफाइटर्स ने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक तबाही मच चुकी थी। बचाव दल बॉडी बैग्स में शव निकालते नजर आए, और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
बिल्डिंग टेरा ड्रोन इंडोनेशिया का ऑफिस है, जो जापान की टेरा ड्रोन कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी है। यह कंपनी माइनिंग से लेकर एग्रीकल्चर तक ड्रोन सर्विसेज प्रदान करती है। रॉयटर्स के अनुसार, आग बुझाने के बाद अब फोकस इवैक्यूएशन और कूलिंग पर है। इंडोनेशिया में ऐसी घटनाएं आम हैं – 2023 में एक निकल प्रोसेसिंग प्लांट में विस्फोट से 12 लोगों की मौत हुई थी। हॉन्गकॉन्ग की हालिया आग (160 मौतें) के बाद यह घटना सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़ी कर रही है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। राष्ट्रपति जोको विडोडो ने शोक व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया। फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुरानी इमारतों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच जरूरी है। जकार्ता के इस हादसे ने दुनिया को झकझोर दिया – क्या यह सुरक्षा नियमों में सख्ती का संकेत बनेगा?
