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चीन का भारतीयों के लिए वीजा पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन सिस्टम से यात्रा बनेगी आसान

चीन का भारतीयों के लिए वीजा पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन सिस्टम से यात्रा बनेगी आसान

चीन ने भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चीनी दूतावास ने घोषणा की है कि 22 दिसंबर 2025 से भारतीय नागरिकों के लिए वीजा आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया जाएगा। यह फैसला भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक ‘पीपल-सेंट्रिक’ उपाय है, जो 2020 के गलवान संघर्ष के बाद तनावपूर्ण दौर के बाद आया है। पहले भारतीयों को वीजा सेंटर पर अपॉइंटमेंट बुक करके दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया घर बैठे हो सकेगी।

फैसले की मुख्य बातें

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 22 दिसंबर से चीनी वीजा एप्लीकेशन सिस्टम पर फॉर्म भरना और दस्तावेज अपलोड करना संभव होगा। दूतावास के अनुसार, इससे आवेदकों को “उल्लेखनीय सुविधा” मिलेगी।

अपॉइंटमेंट की जरूरत खत्म: अब वीजा एप्लीकेशन सर्विस सेंटर्स (CVASC) पर पहले से बुकिंग की जरूरत नहीं। सीधे दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

कम फीस का विस्तार: भारतीयों के लिए वीजा फीस में छूट को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। यह छूट पहले से चल रही थी और अब एक साल और बढ़ाई गई है।

प्रोसेसिंग टाइम: सामान्य आवेदन के लिए 4 कार्य दिवस और एक्सप्रेस के लिए 3 कार्य दिवस लगेंगे। 2025 के पहले तीन महीनों में ही 85,000 से ज्यादा वीजा जारी हो चुके हैं।

यह बदलाव द्विपक्षीय यात्रा को बढ़ावा देने के लिए हैं, क्योंकि भारत ने पिछले महीने चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से शुरू किया था।

भारतीय यात्रियों को क्या होंगे फायदे?

यह फैसला भारतीयों के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होगा, खासकर जो चीन घूमने, बिजनेस या परिवार से मिलने की योजना बना रहे हैं:

समय और मेहनत की बचत: ऑनलाइन फॉर्म भरने और अपलोड से दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे शहरों में लंबी कतारों और अपॉइंटमेंट की झंझट से छुटकारा। इससे यात्रा प्लानिंग आसान हो जाएगी।

कम खर्च: वीजा फीस में छूट से लागत घटेगी। सामान्यतः टूरिस्ट वीजा की फीस 50-100 डॉलर के आसपास होती है, लेकिन छूट से यह और कम होगी। साथ ही, बार-बार सेंटर जाने का खर्च भी बचेगा।

तेज प्रोसेसिंग: पहले की तुलना में जल्दी वीजा मिलेगा, जो लास्ट-मिनट ट्रिप्स के लिए आदर्श। उदाहरण के लिए, अगर आप क्रिसमस-न्यू ईयर पर चीन घूमना चाहें, तो यह सुविधा काम आएगी।

संबंधों में सुधार का असर: यह कदम भारत-चीन ट्रेड और टूरिज्म को बढ़ावा देगा। 2023 में ही 1.8 लाख से ज्यादा वीजा जारी हुए थे, और अब यह संख्या और बढ़ सकती है। पर्यटन से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जबकि बिजनेस वीजा से व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।

सुरक्षा और सुविधा: ऑनलाइन सिस्टम से दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और ट्रैकिंग आसान होगी। साथ ही, महामारी के बाद यात्रा पर भरोसा बढ़ेगा।

आवेदन कैसे करें?

चरण 1: चीनी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट (visaforchina.org) पर जाएं और ऑनलाइन फॉर्म भरें।

चरण 2: पासपोर्ट, फोटो, यात्रा प्लान और अन्य दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 3: फीस पेमेंट के बाद, वीजा सेंटर पर बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट) के लिए जाएं।

जरूरी दस्तावेज: वैलिड पासपोर्ट (कम से कम 6 महीने वैलिड), इनविटेशन लेटर (अगर लागू), फाइनेंशियल प्रूफ आदि।

ध्यान दें: यह सुविधा मुख्य रूप से टूरिस्ट (L वीजा), बिजनेस (M वीजा) और अन्य कैटेगरी के लिए है। हमेशा आधिकारिक साइट चेक करें, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।

यह फैसला न सिर्फ यात्रियों के लिए राहत है, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का संकेत भी। अगर आप चीन ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो अभी से तैयारी शुरू करें—ग्रेट वॉल या शंघाई की चमक आपका इंतजार कर रही है!

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