कोसी बैराज के पास सेल्फी स्टार सांभर का सफल रेस्क्यू: वन विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, जाम और खतरे से मिली मुक्ति
कोसी बैराज के पास सेल्फी स्टार सांभर का सफल रेस्क्यू: वन विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, जाम और खतरे से मिली मुक्ति
रामनगर (उत्तराखंड)। रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर कोसी बैराज के पास लंबे समय से लोगों का आकर्षण बने एक युवा सांभर हिरण को वन विभाग ने आखिरकार सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पर्यटकों और राहगीरों के बीच सेल्फी का केंद्र बने इस सांभर की वजह से सड़क पर जाम की स्थिति बन रही थी, और लोग उसे बिस्कुट जैसे अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ भी खिला रहे थे, जो उसके स्वास्थ्य के लिए खतरा था। वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने इस हिरण को जंगल में छोड़ दिया गया है।
रामनगर वन प्रभाग के रेंज अधिकारी शेखर तिवारी ने बताया, “डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर वन्यजीव और आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हमने कार्रवाई की। सांभर को ट्रैंक्वलाइजर डार्ट से बेहोश कर सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया। यह रामनगर कोरबेट क्षेत्र का निवासी है, इसलिए इसे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के सुरक्षित जोन में रिलीज कर दिया।” कार्रवाई 5 दिसंबर को दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब सांभर बैराज के पास घास चर रहा था। वनकर्मियों ने ड्राइव बाय रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें वाहन से ट्रैंक्वलाइजर गन चलाई गई।
सांभर हिरण, जो भारत का सबसे बड़ा हिरण प्रजाति है, जिम कॉर्बेट जैसे घने जंगलों में पाया जाता है। यह शाकाहारी होता है और मुख्यतः घास, पत्तियां और फल खाता है। अनुपयुक्त भोजन से उसके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंच सकता था। तिवारी ने चेतावनी दी, “वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें। सेल्फी के चक्कर में उन्हें तनाव न दें, इससे हमले का खतरा बढ़ता है।” इस घटना ने स्थानीय पर्यटन को भी प्रभावित किया था, जहां सड़क पर वाहनों की कतारें लग जातीं।
जानकारों का कहना है कि कोसी बैराज क्षेत्र जंगली जानवरों का प्राकृतिक कॉरिडोर है, लेकिन बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप से संघर्ष बढ़ रहा है। वन विभाग ने साइनबोर्ड लगाने और जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। यह रेस्क्यू उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। फिलहाल, सांभर स्वस्थ है और जंगल में घूम रहा है।
