मोदी-पुतिन की ‘सफेद राइड’: क्यों बनी टोयोटा फॉर्च्यूनर दोनों नेताओं की पसंदीदा SUV?
मोदी-पुतिन की ‘सफेद राइड’: क्यों बनी टोयोटा फॉर्च्यूनर दोनों नेताओं की पसंदीदा SUV?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा का आगमन तो प्रोटोकॉल से हटकर ही रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर ली एक सादे दिखने वाली सफेद SUV ने—टोयोटा फॉर्च्यूनर। पुतिन की लग्जरी Aurus Senat लिमोजीन या मोदी की बख्तरबंद Range Rover Sentinel को छोड़कर दोनों नेताओं ने इस भारतीय बाजार की लोकप्रिय SUV को चुना, जो भारत-रूस दोस्ती की गर्मजोशी का प्रतीक बन गई।
एयरपोर्ट पर गर्मजोशी भरे अभिवादन के बाद मोदी और पुतिन एक साथ इसी फॉर्च्यूनर (रजिस्ट्रेशन नंबर MH01EN5795) में सवार होकर 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचे। यह दूसरी बार है जब दोनों ने एक ही कार शेयर की—पहले अगस्त में चीन के SCO समिट में। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दोनों देशों के आपसी भरोसे को दर्शाता है। सुरक्षा एजेंसियां इसे ‘कम-प्रोफाइल’ विकल्प मानती हैं, क्योंकि फॉर्च्यूनर सरकारी फ्लीट में इतनी आम है कि कॉन्वॉय में आसानी से घुल-मिल जाए। साथ ही, यह आर्मर्ड वर्जन में उपलब्ध है, जो VIP मूवमेंट के लिए परफेक्ट है।
तो आखिर क्या है इस SUV की खासियत जो दुनिया के दो दिग्गजों को भा गई? टोयोटा फॉर्च्यूनर एक बॉडी-ऑन-फ्रेम SUV है, जो अपनी मजबूत बिल्ड और ऑफ-रोड क्षमता के लिए जानी जाती है। इस्तेमाल हुई फॉर्च्यूनर Sigma 4 MT (BS-VI डीजल) वेरिएंट है, जिसमें 2.8-लीटर टर्बो डीजल इंजन लगा है। यह 201 bhp पावर और 500 Nm टॉर्क जेनरेट करता है, जो 0-100 kmph सिर्फ 10 सेकंड में हासिल कर लेता है। मैनुअल गियरबॉक्स के साथ 4×4 सिस्टम इसे खराब सड़कों पर भी चला सकने लायक बनाता है। माइलेज 14-15 kmpl है, जो शहर-हाईवे दोनों में संतुलित है।
सुरक्षा के मामले में यह कमाल की है—7 एयरबैग्स, ABS, EBD, VSC, हिल डिसेंट कंट्रोल और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स से लैस। स्पेशल फोर्स लेवल आर्मरिंग में यह बुलेटप्रूफ ग्लास और बॉडी के साथ आती है, जो ग्रेनेड या IED अटैक झेल सकती है। इंटीरियर में लेदर सीट्स, 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, एप्पल कारप्ले/एंड्रॉयड ऑटो, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पैनोरमिक सनरूफ जैसी लग्जरी है। भारत में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 33-51 लाख रुपये है, लेकिन VIP वर्जन महंगे हो सकते हैं।
फॉर्च्यूनर की लोकप्रियता का राज है इसकी विश्वसनीयता—टोयोटा की क्वालिटी के साथ कम मेंटेनेंस और लंबी वारंटी। ज्यादातर भारतीय नेता इसे पसंद करते हैं, क्योंकि यह शानदार रोड प्रेजेंस देती है बिना ज्यादा चमक-दमक के। इस घटना ने न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत किया, बल्कि एक साधारण SUV को ग्लोबल हेडलाइंस दिला दी। क्या पता, अगली बार कोई और लीडर भी इसे आजमाए!
