असम सरकार ने ‘जिहादी’ साहित्य पर लगाया सख्त बैन: JMB, ABT जैसे संगठनों से जुड़ी सामग्री प्रतिबंधित, युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने का दावा
असम सरकार ने ‘जिहादी’ साहित्य पर लगाया सख्त बैन: JMB, ABT जैसे संगठनों से जुड़ी सामग्री प्रतिबंधित, युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने का दावा
असम सरकार ने ‘जिहादी’ और कट्टरपंथी साहित्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला राज्य की आंतरिक सुरक्षा, साम्प्रदायिक सद्भाव और युवाओं को उग्रवादी प्रचार से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। 3 दिसंबर को राजनीतिक (ए) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में Jamaat-ul-Mujahideen Bangladesh (JMB), Ansarullah Bangla Team (ABT), Ansar-al-Islam/pro-AQIS और इनसे जुड़े अन्य प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित किसी भी सामग्री को प्रतिबंधित किया गया है। यह कार्रवाई Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS), 2023 की धारा 98 के तहत की गई है।
प्रतिबंध के दायरे में क्या-क्या आएगा?
अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित गतिविधियां और सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, चाहे वे भौतिक रूप में हों या डिजिटल:
प्रकाशन, मुद्रण और वितरण: किसी भी रैडिकल या जिहादी साहित्य, दस्तावेजों, सामग्री का प्रकाशन, प्रिंटिंग या प्रसार।
बिक्री, प्रदर्शन और भंडारण: इन सामग्रियों की बिक्री, प्रदर्शन, कब्जा या स्टोरेज (भौतिक या डिजिटल फॉर्मेट में)।
डिजिटल प्रसार: वेबसाइट्स, सोशल मीडिया पेज, एन्क्रिप्टेड चैनल, ऑनलाइन ग्रुप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उग्रवादी या ‘जिहादी’ कंटेंट का शेयरिंग या ट्रांसमिशन।
विशेष रूप से प्रतिबंधित कंटेंट: हिंसक जिहाद की महिमा करने वाली सामग्री, वैचारिक प्रेरणा (इंडोक्रिनेशन), ऑपरेशनल गाइडेंस, भर्ती को प्रोत्साहन देने वाले प्रचार, भारत की संप्रभुता के खिलाफ उकसावा।
सरकार का कहना है कि ऐसी सामग्री युवाओं को कट्टर बनाने, सामाजिक असंतोष बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालने का काम करती है। असम पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में इन संगठनों की सामग्री का सर्कुलेशन पाया गया, जो बांग्लादेश से उत्पन्न होकर सीमावर्ती जिलों में पहुंच रही है।
क्यों लगाया गया बैन? खुफिया इनपुट्स पर कार्रवाई
राज्य सरकार ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट्स, साइबर-पट्रोलिंग और STF की जांच से पता चला है कि इन संगठनों की प्रिंट और डिजिटल सामग्री का प्रसार जारी है। ये सामग्री भारत की संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा, साम्प्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालती है। अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसी सामग्री धार्मिक भावनाओं का अपमान, समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने (BNS की धारा 196, 197, 299 के तहत अपराध) का काम करती है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “यह कदम असम की शांति और एकता को मजबूत करने के लिए जरूरी है। युवाओं को उग्रवाद की चपेट में आने से बचाना हमारी प्राथमिकता है।”
आगे क्या? सख्त कार्रवाई का ऐलान
प्रतिबंध के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। असम पुलिस को इन सामग्रियों की निगरानी और जब्ती के निर्देश दिए गए हैं। पहले भी असम में JMB और ABT के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह बैन राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
अधिक जानकारी के लिए असम गवर्नमेंट की आधिकारिक वेबसाइट या पुलिस हेल्पलाइन चेक करें।
