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टोल बूथ खत्म करने की बड़ी खबर: संसद में गडकरी ने कहा, 1 साल में पूरे देश में बिना बैरियर सिस्टम लागू होगा, जानें डिटेल्स

टोल बूथ खत्म करने की बड़ी खबर: संसद में गडकरी ने कहा, 1 साल में पूरे देश में बिना बैरियर सिस्टम लागू होगा, जानें डिटेल्स

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे पर टोल वसूली को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टोल बूथ सिस्टम एक साल के अंदर खत्म हो जाएगा और पूरे देश में बिना बैरियर (barrier-less) इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों को रुकावट-मुक्त यात्रा मिलेगी, जहां टोल गेट पर कोई नहीं रोकेगा। गडकरी ने स्पष्ट किया कि यह नया सिस्टम पहले ही 10 जगहों पर शुरू हो चुका है और अगले 12 महीनों में सभी हाईवे पर फैल जाएगा।

क्या कहा गडकरी ने? बिना रुकावट की यात्रा का वादा

लोकसभा में विपक्ष के सवालों के जवाब में मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “यह टोल सिस्टम खत्म हो जाएगा। टोल के नाम पर आपको कोई नहीं रोकेगा। एक साल के अंदर पूरे देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन लागू कर दिया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर बताया कि FASTag जैसी तकनीक को और मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे वाहनों की गति बिना रुके जारी रहेगी। टोल वसूली अब ANPR (ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों के जरिए होगी, जो वाहन नंबर स्कैन करके बैलेंस कट कर लेगी।

गडकरी ने साथ ही बताया कि देशभर में वर्तमान में 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनकी कुल लागत 10 लाख करोड़ रुपये है। ये प्रोजेक्ट्स न केवल सड़कों का विस्तार करेंगे, बल्कि टोल सिस्टम को भी डिजिटल बनाएंगे।

नया सिस्टम कैसा होगा? फायदे और प्लान

बैरियर-फ्री टोल: पारंपरिक बूथ हटेंगे, कोई लाइन या रुकावट नहीं। वाहन 100 किमी/घंटा की स्पीड पर भी टोल पार कर सकेंगे।

तकनीक: GPS, RFID और कैमरा-बेस्ड ट्रैकिंग से टोल कटौती। FASTag अनिवार्य रहेगा, लेकिन बैलेंस कम होने पर अलर्ट सिस्टम।

ट्रायल रन: 10 लोकेशन्स (जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से) पर सफलतापूर्वक टेस्ट हो चुका।

समयसीमा: दिसंबर 2026 तक पूर्ण लागू, जिसमें NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सभी हाईवे को कवर करेगी।

फायदे: ट्रैफिक जाम कम, ईंधन बचत, समय की बचत। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सालाना 20-25% ट्रैवल टाइम कम हो सकता है।

मंत्री ने कहा कि यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘पीपल्स फर्स्ट’ के तहत उठाया जा रहा है, जो हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने की दिशा में है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया: राहत या चुनौती?

सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई है। X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स राहत जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अब लंबी यात्राओं में टोल लाइन का झंझट खत्म!” वहीं, कुछ ने FASTag बैलेंस मैनेजमेंट पर सवाल उठाए। विपक्ष ने इसे सकारात्मक बताया, लेकिन पूर्ण पारदर्शिता की मांग की।

यह घोषणा हाईवे यूजर्स के लिए बड़ी राहत है, खासकर पीक ट्रैवल सीजन में। अधिक जानकारी के लिए NHAI वेबसाइट या गडकरी के आधिकारिक हैंडल चेक करें।

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