‘हम तो बंगाली हैं…’: सौगात राय के जोरदार भाषण में छिड़ा भाषा का विवाद, BJP ने की हिंदी थोपने की कोशिश?
‘हम तो बंगाली हैं…’: सौगात राय के जोरदार भाषण में छिड़ा भाषा का विवाद, BJP ने की हिंदी थोपने की कोशिश?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज एक भाषण ने हंगामा मचा दिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गल सांसद सौगात राय ने सदन में हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ बताने वाले प्रस्ताव के खिलाफ बोलते हुए कहा, “हम तो बंगाली हैं… बंगाली भाषा ही हमारी पहचान है!” उनके इस बयान ने सदन में जोरदार तालियां तो बटोरीं, लेकिन बीजेपी विधायकों के बीच भाषा विवाद को हवा दे दी। विपक्ष ने राय पर ‘क्षेत्रीयता फैलाने’ का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट कर दिया, जबकि TMC ने इसे ‘हिंदी थोपने की साजिश’ करार दिया।
घटना दोपहर के सत्र में घटी, जब बीजेपी विधायक दिलीप घोष ने हिंदी को बढ़ावा देने का प्रस्ताव पेश किया। सौगात राय, जो TMC के प्रवक्ता और कोलकाता उत्तर से सांसद हैं, ने जवाब में कहा, “हम तो बंगाली हैं, बंगाली बोलते हैं, बंगाली सोचते हैं। हिंदी हमारी भाषा है, लेकिन राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देकर बंगाली की पहचान को मिटाने की कोशिश क्यों? संविधान में कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं, सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी को आधिकारिक मान्यता है!” राय का यह बयान सदन में TMC सदस्यों के बीच जोश भर गया, और कई विधायकों ने ‘जय बंगाल’ के नारे लगाए।
विवाद तब भड़का जब बीजेपी के सुखरंजन महतो ने आपत्ति जताई, “सांसद जी, सदन हिंदी में चलता है, बंगाली में भाषण देकर आप राष्ट्रवाद को कमजोर कर रहे हैं।” राय ने तुरंत पलटवार किया, “हम बंगाली हैं, लेकिन राष्ट्रभक्त भी। हिंदी का सम्मान करते हैं, लेकिन बंगाली को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं।” इसके बाद बीजेपी ने सदन का बहिष्कार किया, और स्पीकर बिमान बनर्जी को सदन सभापति बुलाना पड़ा। TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बाद में ट्वीट कर कहा, “भाषा हमारी संस्कृति है। हिंदी थोपना बंगाल की आत्मा पर चोट है। सौगात ने सही कहा – हम तो बंगाली हैं!”
यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद फिर से उभरा है, जब बंगाल में हिंदी शिक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग उठी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह TMC-BJP के बीच सांस्कृतिक जंग का नया दौर है। सौगात राय, जो ‘डायनामाइट सौगात’ के नाम से मशहूर हैं, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भाषा विवाद नहीं, सम्मान का सवाल है। बंगाली को बचाना हमारा कर्तव्य है।” विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार किया, “क्षेत्रीयता से देश टूटेगा, हिंदी सबकी भाषा है।”
सदन में भाषा का यह टकराव बंगाल की राजनीति को और गर्म कर सकता है। क्या यह विवाद चुनावी हथियार बनेगा? TMC का दावा है कि जनता बंगाली पहचान के साथ खड़ी है, जबकि बीजेपी ‘एकता’ का नारा दे रही है। फिलहाल, ‘हम तो बंगाली हैं’ फेसबुक और एक्स पर ट्रेंड कर रहा है – भाषा की जंग सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है!
