शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष पर पीएम मोदी का तीखा प्रहार: ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी चाहिए; हार की भड़ास न निकालें’
शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष पर पीएम मोदी का तीखा प्रहार: ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी चाहिए; हार की भड़ास न निकालें’
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने हार की निराशा से उबरने और सदन को उत्पादक बनाने की सलाह दी, साथ ही तंज कसते हुए कहा कि वे विपक्ष को ‘परफॉर्मेंस टिप्स’ देने को तैयार हैं। पीएम ने जोर देकर कहा कि संसद नारों या ड्रामे का मंच नहीं, बल्कि नीतियों और डिलीवरी का केंद्र है। यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद आया है, जहां भाजपा-नीत गठबंधन ने 202 सीटें हासिल कीं, जबकि इंडिया गठबंधन को महज 35 मिलीं।
सोमवार सुबह संसद भवन पहुंचे पीएम मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जो कोई भी ड्रामा करना चाहता है, वह कर सकता है। यहां ड्रामा नहीं, बल्कि डिलीवरी होनी चाहिए। नारों पर नहीं, पॉलिसी पर जोर होना चाहिए।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए जोड़ा, “पिछले 10 सालों से जो खेल खेला जा रहा है, वह अब जनता को स्वीकार्य नहीं। रणनीति बदलें, मैं टिप्स देने को तैयार हूं।” पीएम ने साफ शब्दों में कहा कि हार की भड़ास निकालने का संसद कोई मंच नहीं है। “पराजय से परेशान होकर सदन को बाधित न करें। युवा सांसदों को बोलने का मौका दें, ताकि वे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर सकें।”
पीएम ने शीतकालीन सत्र को राष्ट्र प्रगति का इंजन बताते हुए कहा, “यह सत्र विकास प्रयासों को नई ऊर्जा देगा। भारत ने लोकतंत्र को न सिर्फ जिया है, बल्कि इसे मजबूत किया है। बिहार चुनाव में 70% से ऊपर का मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की ताकत दिखाता है।” उन्होंने जोर दिया कि जीत का अहंकार या हार की कड़वाहट सदन से दूर रखनी चाहिए। “नेगेटिविटी राजनीति में काम आ सकती है, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए पॉजिटिव सोच जरूरी है।” यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 14 विधेयक पेश होने हैं, जैसे सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल और हेल्थ सिक्योरिटी सेस बिल।
विपक्ष ने पीएम के बयान पर तुरंत पलटवार किया। प्रियंका गांधी ने कहा, “ड्रामा करने वाले तो सदन में ही बैठे हैं, जो जनता के मुद्दों से भागते हैं।” समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर बहस की मांग दोहराई, जबकि अन्य विपक्षी नेता दिल्ली धमाका, वायु प्रदूषण और नई श्रम कानूनों पर चर्चा चाहते हैं। पहले दिन ही लोकसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित हो गई। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #WinterSession ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स पीएम के ‘डिलीवरी नॉट ड्रामा’ वाले बयान पर मीम्स शेयर कर रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा, “पीएम साहब टिप्स देंगे, लेकिन पहले प्रदूषण और सड़कों पर डिलीवर करें!”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सत्र SIR और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गरमाया रहेगा। क्या विपक्ष पीएम की सलाह मानेगा, या हंगामा जारी रहेगा? सत्र का पहला दिन ही तनावपूर्ण गुजरा, लेकिन पीएम की अपील से उम्मीद है कि चर्चाएं रचनात्मक हों। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बिहार जीत ने विपक्ष को और आक्रामक बना दिया है। फैंस और विश्लेषक बेसब्री से अगले दिनों का इंतजार कर रहे हैं – क्या यह सत्र प्रगति का होगा या विवादों का?
