UKSSSC पेपर लीक केस: सीबीआई ने स्वाभिमान मोर्चा अध्यक्ष बॉबी पंवार को किया तलब, कल होगी कड़ी पूछताछ
UKSSSC पेपर लीक केस: सीबीआई ने स्वाभिमान मोर्चा अध्यक्ष बॉबी पंवार को किया तलब, कल होगी कड़ी पूछताछ
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व बेरोजगार संघ प्रमुख बॉबी पंवार को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। पंवार को रविवार को देहरादून CBI कार्यालय में हाजिर होने का नोटिस जारी किया गया, जहां सोमवार (1 दिसंबर) को कड़ी पूछताछ होगी। यह कार्रवाई पेपर लीक की घटना में पंवार की कथित भूमिका की जांच के तहत हो रही है।
CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंवार पर परीक्षा शुरू होने के महज 30 मिनट बाद (11:30 AM) पेपर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का शक है। पंवार ने 21 सितंबर 2025 को UKSSSC की परीक्षा के दौरान दावा किया था कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है। उन्होंने व्हाट्सएप पर प्राप्त तीन पेजों की स्क्रीनशॉट्स शेयर कीं, जो एक उम्मीदवार खालिद मलिक ने अपनी बहन सबिया को भेजे थे। सबिया ने इन्हें एक सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को फॉरवर्ड किया, जिन्होंने जवाब लिखे और पंवार को भेज दिए। CBI का मानना है कि पंवार ने बिना आधिकारिक पुष्टि के इन्हें वायरल कर सनसनी फैलाई।
पंवार ने पहले हारिद्वार पुलिस को दिए बयान में कहा था कि उन्हें 12:28 PM पर सुमन से मैसेज मिला, लेकिन CBI अब उनके फोन रिकॉर्ड्स और संपर्कों की गहन जांच करेगी। सितंबर में हारिद्वार पुलिस ने भी पंवार से पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया। अब CBI ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तलब किया है।
यह घटना UKSSSC के इतिहास में सबसे बड़ा पेपर लीक स्कैंडल है। परीक्षा 21 सितंबर को हुई थी, जिसमें ग्रुप-सी पदों के लिए 1.6 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए। लीक की शिकायतों पर UKSSSC ने परीक्षा रद्द कर दी और तीन महीने में पुनः परीक्षा का ऐलान किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन पर छात्र आंदोलन स्थगित हो गया, और अक्टूबर 2025 में CBI को केस सौंपा गया।
CBI ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं। 28 नवंबर को टिहरी गढ़वाल के एक सरकारी कॉलेज की सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार किया गया, जो लीक पेपर के जवाब लिखने और भेजने की मुख्य आरोपी हैं। इसके अलावा, 2021 के पुराने UKSSSC लीक केस से जुड़े हाकम सिंह रावत और उनके सहयोगी पंकज गौर को भी पकड़ा गया, जो उम्मीदवारों से 12-15 लाख रुपये ऐंठ रहे थे। एक सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित किया गया है।
छात्र संगठनों ने CBI की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के राम कंडवाल ने कहा, “पंवार की भूमिका संदिग्ध रही है। CBI पूरी सच्चाई सामने लाएगी।” दूसरी ओर, पंवार ने सोशल मीडिया पर कहा, “मैंने लीक को उजागर किया, जांच में सहयोग करूंगा।”
यह केस राज्य में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। 2021 में भी UKSSSC के कई परीक्षाएं रद्द हुई थीं, जिसमें 43 लोग गिरफ्तार हुए थे। CBI की पूछताछ से और खुलासे हो सकते हैं। क्या पंवार पर कार्रवाई होगी? कल का दिन तय करेगा।
