शीत सत्र में हंगामा तय: ‘SIR पर चर्चा न हुई तो सदन नहीं चलने देंगे’, समाजवादी पार्टी की केंद्रीय सरकार को कड़ी चेतावनी
शीत सत्र में हंगामा तय: ‘SIR पर चर्चा न हुई तो सदन नहीं चलने देंगे’, समाजवादी पार्टी की केंद्रीय सरकार को कड़ी चेतावनी
संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्रीय सरकार को साफ चेतावनी दे दी है कि यदि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई, तो विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने देगा। सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, “SIR पर चर्चा न हुई तो हम सदन को नहीं चलने देंगे। यह मुद्दा इतना गंभीर है कि सरकार इससे पीछे नहीं हट सकती।”
यह बयान संसद भवन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद आया, जहां 1 दिसंबर से शुरू हो रहे 19 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में सपा के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC), डीएमके, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया पर चिंता जताई। राम गोपाल यादव ने कहा, “बड़े पैमाने पर अनियमितताएं देखी गई हैं। BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) पर दबाव इतना है कि कई की जान जा चुकी है। यह चुनाव आयोग और BJP की साजिश है।”
SIR प्रक्रिया, जो उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार जैसे राज्यों में चल रही है, विपक्ष के निशाने पर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे “BJP-ECI की मिलीभगत” करार देते हुए कहा, “कर्मचारियों की जान जा रही है। फॉर्म भरने के लिए सफाईकर्मियों को भी झोंक दिया गया है। संसद के बाद सड़क पर उतरेंगे।” अखिलेश ने पार्टी नेताओं को भी चेतावनी दी कि SIR को हल्के में लेने वालों का टिकट कट चुका समझें, खासकर बिहार चुनाव नतीजों के बाद।
TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पहले ही SIR को “लोगों की पहचान पर हमला” बताया था, जबकि डीएमके तमिलनाडु चुनावों से जोड़ रही है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, “लोकतंत्र खतरे में है। SIR पर चर्चा न हुई तो सदन सुचारू रूप से नहीं चलेगा।” बैठक में सरकार ने सिर्फ सुना, कोई आश्वासन नहीं दिया। रिजिजू ने अपील की, “सभी दल मर्यादा रखें, हंगामा न करें। शांत दिमाग से काम करें।”
विपक्ष का कहना है कि SIR में BLOs की मौतें, सर्वर समस्याएं और अपर्याप्त ट्रेनिंग से लाखों लोगों का वोटर आईडी प्रभावित हो रहा है। सपा ने इसे 2026 यूपी चुनावों से जोड़ा, जबकि TMC बंगाल में। सरकार के एजेंडे में परमाणु ऊर्जा, शिक्षा और कॉर्पोरेट कानून जैसे 10 विधेयक हैं, लेकिन SIR हंगामा सत्र को लंगड़ा कर सकता है। क्या सरकार झुकेगी? शीतकालीन सत्र का पहला दिन तय करेगा।
