BLOs का बढ़ा मानदेय तुरंत जारी करें: ममता सरकार को ECI का सख्त निर्देश, TMC को लताड़ा
BLOs का बढ़ा मानदेय तुरंत जारी करें: ममता सरकार को ECI का सख्त निर्देश, TMC को लताड़ा
नई दिल्ली, 30 नवंबर 2025 (संवाददाता): निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को कड़ा फटकार लगाते हुए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) का बढ़ा हुआ मानदेय तुरंत जारी करने का निर्देश दिया है। आयोग ने इसे “बहुत अजीब” बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक BLOs को सालाना 12,000 रुपये का बढ़ा मानदेय और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए अतिरिक्त 6,000 रुपये का भुगतान नहीं किया। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह तुरंत बिना किसी और देरी के किया जाए।”
यह निर्देश 28 नवंबर को दिल्ली में TMC के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से हुई बैठक के बाद आया। आयोग के अधिकारियों ने TMC को बताया कि BLOs और BLO सुपरवाइजर्स का मानदेय दोगुना करने का फैसला अगस्त में लिया गया था, लेकिन बंगाल सरकार ने इसे लागू नहीं किया। आयोग ने कहा, “BLOs निर्वाचक नामावली तैयार करने में कड़ी मेहनत करते हैं। राज्य सरकार BLOs को परेशान क्यों कर रही है? यह राशि कब जारी होगी?”
ECI ने अगस्त में BLOs का सालाना मानदेय 6,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये और सुपरवाइजर्स का 12,000 से 18,000 रुपये करने का ऐलान किया था। SIR के लिए BLOs को अतिरिक्त 6,000 रुपये का प्रोत्साहन भी मंजूर हुआ, जो बिहार से शुरू होकर बंगाल जैसे राज्यों में लागू हो रहा है। लेकिन बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान BLOs पर काम का दबाव बढ़ने से कई मौतें और आत्महत्याओं की खबरें आई हैं, जिस पर TMC ने ECI पर आरोप लगाए।
TMC प्रतिनिधिमंडल, जिसमें डेरेक ओ’ब्रायन जैसे सांसद शामिल थे, ने ECI से SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बंगालियों की पहचान पर सवाल उठाने जैसा है और इसमें घुसपैठिए ढूंढने का बहाना है। लेकिन ECI ने TMC के आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करना संविधान और चुनाव कानून के तहत होता है। आयोग ने TMC को चेतावनी दी कि BLOs, EROs और DEOs के स्वतंत्र कामकाज में हस्तक्षेप न करें, न ही उन्हें धमकाएं।
ममता बनर्जी ने पहले SIR को “असामान्य और चिंताजनक” बताते हुए ECI को पत्र लिखा था। उन्होंने BLOs पर सर्वर समस्याओं, अपर्याप्त ट्रेनिंग और काम के बोझ का हवाला दिया। TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ECI के जवाब को “साफ झूठ” करार दिया। इधर, ECI ने बंगाल में CEO कार्यालय को सुरक्षित जगह स्थानांतरित करने का भी आदेश दिया, क्योंकि हाल ही में BLOs ने CEO को घेर लिया था।
यह विवाद 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तेज हो गया है। BJP ने इसे TMC की “धांधली” बताते हुए CBI जांच की मांग की, जबकि ममता ने BLOs को याद दिलाया कि वे राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, ECI के नहीं। ECI का यह निर्देश BLOs की मेहनत को सम्मान देने की दिशा में कदम है, लेकिन राज्य सरकार का अगला कदम तय करेगा कि विवाद कब सुलझेगा। क्या ममता सरकार जल्द राशि जारी करेगी? इंतजार।
