उत्तराखंड

उत्तराखंड में 15 साल पुराने वाहनों पर चलेगा बुलडोजर: मुख्य सचिव ने दी सख्त चेतावनी, समय पर रिफॉर्म्स न करने पर विभागाध्यक्षों को मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि

उत्तराखंड में 15 साल पुराने वाहनों पर चलेगा बुलडोजर: मुख्य सचिव ने दी सख्त चेतावनी, समय पर रिफॉर्म्स न करने पर विभागाध्यक्षों को मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि

देहरादून। उत्तराखंड में 15 साल से पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति को अब और टाला नहीं जाएगा। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग को साफ निर्देश दिए कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सुधारों को निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। मुख्य सचिव ने चेताया कि जो विभाग समय पर रिफॉर्म्स पूरा नहीं करेंगे, उनके विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी जाएगी। यह सख्ती केंद्र सरकार से मिलने वाली विशेष सहायता योजना की ग्रांट को 100 प्रतिशत हासिल करने के लिए भी है।

मुख्य सचिव ने कहा, “15 वर्ष पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग में तेजी लाना जरूरी है। ये वाहन सड़क सुरक्षा और प्रदूषण दोनों के लिए खतरा हैं। इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय करना होगा ताकि ओवरलोडिंग, स्पीडिंग और अन्य उल्लंघनों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।” बैठक में परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि स्क्रैपिंग सेंटर्स की स्थापना और RVSF (रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) को जल्द चालू किया जाए।

केंद्र की विशेष सहायता पर फोकस

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को चेतावनी दी कि भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट का एक भी पैसा छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए अपने-अपने मंत्रालयों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और अधिक से अधिक प्रोजेक्ट प्रस्ताव भेजें। वित्त एवं नियोजन विभाग को समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग को भूमि सुधार रिफॉर्म्स समय पर पूरा करने को कहा गया। बैठक में तय हुआ कि विभागों का स्टेट शेयर अगले दो दिनों में रिलीज कर दिया जाएगा।

पर्यटन और यात्रा व्यवस्था पर भी सख्ती

चर्चा में चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़ी तैयारियों पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा गाइड, होटल, ट्रांसपोर्ट और मेडिकल सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। सभी विभागों को व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

उत्तराखंड में करीब 2.5 लाख से अधिक 15 साल पुराने वाहन हैं, जिनमें से अधिकांश पहाड़ी इलाकों में हैं। सरकार अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से स्क्रैप करने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कदमों से पहाड़ों में वायु प्रदूषण 20-25 प्रतिशत तक कम हो सकता है और सड़क हादसे भी घटेंगे। अब देखना यह है कि परिवहन विभाग कितनी तेजी से मैदान में उतरता है और पुरानी गाड़ियां कब सड़कों से गायब होकर स्क्रैप यार्ड में पहुंचती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *