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व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड पर हमला: अफगान संदिग्ध गिरफ्तार, ट्रंप ने ठहराया जिम्मेदार, कहा- ‘आतंक का कृत्य’

व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड पर हमला: अफगान संदिग्ध गिरफ्तार, ट्रंप ने ठहराया जिम्मेदार, कहा- ‘आतंक का कृत्य’

अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास एक सनसनीखेज गोलीबारी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दो वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के जवान बुधवार दोपहर फारगुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास ‘लक्षित हमले’ में गोलीबारी का शिकार हो गए। दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में इलाजरत हैं। हमलावर, जो अफगान मूल का एक व्यक्ति है, को मौके पर ही गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भड़का दिया है, जिन्होंने इसे ‘आतंक का कृत्य’ करार देते हुए आप्रवासन नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब नेशनल गार्ड के जवान ड्यूटी पर थे। गवाहों के मुताबिक, पहले छोटी फायरिंग हुई, फिर लंबी गोलीबारी। हमलावर ने एक जवान को पॉइंट-ब्लैंक रेंज से निशाना बनाया। डीसी मेयर म्यूरिएल बोवसर ने इसे ‘अनैतिक हमला’ बताया, जबकि एफबीआई डायरेक्टर काश पाटेल ने कहा कि जांच में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का एंगल प्रमुख है। संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है, जो 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। वह ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ के तहत आया, जो बाइडेन प्रशासन की योजना थी। लाकनवाल ने दिसंबर 2024 में शरण की अर्जी दी थी, जो अप्रैल 2025 में मंजूर हुई।

ट्रंप, जो फ्लोरिडा के अपने रिसॉर्ट में थैंक्सगिविंग मना रहे थे, ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “यह जानवर दो नेशनल गार्ड वॉरियर्स पर फायरिंग कर रहा था… गंभीर रूप से घायल है, लेकिन फिर भी भारी कीमत चुकाएगा।” बाद में जारी वीडियो स्टेटमेंट में उन्होंने इसे “बुराई, नफरत और आतंक का कृत्य” बताया। ट्रंप ने अफगानिस्तान से आए सभी आप्रवासियों की फिर से जांच का आदेश दिया और कहा, “यह हमला दिखाता है कि खुली सीमाओं का क्या नतीजा होता है।” उन्होंने बाइडेन युग की ‘कुख्यात उड़ानों’ का जिक्र कर अफगान निकासी को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने अतिरिक्त 500 नेशनल गार्ड ट्रूप्स की तैनाती का ऐलान किया, जो वाशिंगटन में कुल संख्या को 2,500 तक ले जाएगी। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे मंजूरी दी।

यह घटना ट्रंप की विवादास्पद नीति से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने अपराध दर कम करने के नाम पर नेशनल गार्ड को डेमोक्रेटिक शहरों में तैनात किया। हाल ही में एक फेडरल जज ने वाशिंगटन में ट्रूप्स की तैनाती को ‘अवैध’ बताकर सस्पेंड कर दिया था, लेकिन गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में इसे ब्लॉक करने की अपील की। डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, “यह दुखद है, लेकिन सैन्य तैनाती हिंसा को न्योता दे रही है।” वेस्ट वर्जीनिया गवर्नर ने घायलों की हालत पर ‘विरोधाभासी रिपोर्ट्स’ का हवाला दिया।

जांच जारी है, लेकिन घटना ने अमेरिका में आप्रवासन बहस को हवा दे दी। एफबीआई ने कहा कि संदिग्ध अकेला था, लेकिन मोटिव स्पष्ट नहीं। व्हाइट हाउस को संक्षिप्त लॉकडाउन किया गया था, जो बाद में हटा लिया। ट्रंप ने अमेरिकियों से घायलों के लिए प्रार्थना करने को कहा। क्या यह हमला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है? विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान युद्ध की विरासत अब भी अमेरिकी सुरक्षा को चुनौती दे रही है। उम्मीद है कि जवान जल्द स्वस्थ होंगे।

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