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नीले ड्रम हत्याकांड: ‘कातिल’ मुस्कान नवजात बेटी राधा संग मेरठ जेल के बैरक 12A में शिफ्ट, परिजन नदारद

नीले ड्रम हत्याकांड: ‘कातिल’ मुस्कान नवजात बेटी राधा संग मेरठ जेल के बैरक 12A में शिफ्ट, परिजन नदारद

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सनसनीखेज नीले ड्रम हत्याकांड की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी को बुधवार को नवजात बेटी राधा के साथ मेरठ जिला जेल के बैरक नंबर 12A में शिफ्ट कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस सुरक्षा में जेल पहुंची मुस्कान की यह वापसी बैरक के माहौल को बदल रही है, लेकिन सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा—बच्ची का असली पिता कौन है? जेल प्रशासन ने बताया कि अभी तक डीएनए टेस्ट की कोई लिखित मांग नहीं आई है।

मामला मार्च 2025 का है, जब मुस्कान पर अपने पति सौरभ राजपूत की क्रूर हत्या का आरोप लगा। कथित तौर पर उसने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की और शव को टुकड़ों में काटकर नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया। यह ड्रम मेरठ के एक घर में मिला, जिसके बाद पूरा मामला सुर्खियों में आ गया। मुस्कान और साहिल दोनों जेल में बंद हैं। गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती बताई गई थी, जो अब साकार हो चुकी है।

सोमवार शाम करीब 6:50 बजे मेरठ मेडिकल कॉलेज में मुस्कान ने सामान्य प्रसव से 2.4 किलोग्राम वजन वाली स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा दोनों को पूरी तरह फिट बताया। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर जेल से उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया था। बुधवार दोपहर डिस्चार्ज के बाद विशेष वाहन से जेल लाई गई मुस्कान ने बेटी का नाम ‘राधा’ रखा, जो उसके प्रेमी साहिल के नाम (साहिल से कृष्ण का संकेत?) से जोड़कर देखा जा रहा है। मुस्कान की सात वर्षीय बड़ी बेटी पीहू उसके माता-पिता प्रमोद और कविता रस्तोगी के पास रह रही है।

जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया, “बैरक 12A में पहले से 21 महिला कैदी और तीन छोटे बच्चे हैं। अब मुस्कान और राधा के आने से संख्या बढ़ गई। यहां क्रेच जैसी सुविधा है, जहां टीकाकरण और देखभाल होगी। जेल मैनुअल के तहत बच्ची छह साल तक मां के साथ रह सकती है।” लेकिन सस्पेंस बरकरार है—सह-आरोपी साहिल ने बच्ची के जन्म की खबर सुनते ही जेल स्टाफ से पूछा कि ‘बेटा हुआ या बेटी?’। सौरभ का जन्मदिन भी 24 नवंबर को ही था, जो इस घटना को और रहस्यमय बनाता है। सौरभ के परिवार ने भी जेल या अस्पताल में कोई संपर्क नहीं किया।

मामले में जांच अभी चल रही है। सीबीआई की निगरानी में चल रही पूछताछ में मुस्कान ने हत्या की बात कबूल की है, लेकिन बच्ची के पितृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डीएनए टेस्ट से सच्चाई सामने आएगी, जो केस को नया मोड़ दे सकता है। जेल में मुस्कान की जिंदगी अब एक नई शुरुआत ले रही है, लेकिन समाज और कानून के सवालों का बोझ कम होने वाला नहीं। क्या राधा की किलकारी इस काले अध्याय को मिटा पाएगी? समय ही बताएगा।

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