‘कुछ भी कर लो, बंगला खाली नहीं करेंगे’: राबड़ी देवी के बंगले पर RJD का सख्त रुख, नीतीश सरकार पर हमला
‘कुछ भी कर लो, बंगला खाली नहीं करेंगे’: राबड़ी देवी के बंगले पर RJD का सख्त रुख, नीतीश सरकार पर हमला
बिहार की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने का नोटिस जारी होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने साफ अल्टीमेटम दे दिया है – “कुछ भी कर लो, बंगला खाली नहीं करेंगे।” पार्टी नेताओं ने इसे नीतीश कुमार सरकार की “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि यह लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को अपमानित करने की साजिश है। RJD के प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा, “यह BJP का दबाव है, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। बंगला हमारा हक है और रहेगा।” यह विवाद हाल ही में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद तेज हुआ है, जब बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने राबड़ी देवी को नया बंगला आवंटित कर दिया।
25 नवंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट (BCD) के जॉइंट सेक्रेटरी शिव रंजन ने राबड़ी देवी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद पर 39 हार्डिंग रोड का नया बंगला आवंटित किया है। यह बंगला 3 एकड़ में फैला है, जबकि 10 सर्कुलर रोड का मौजूदा बंगला करीब 1 एकड़ का है। नोटिस में साफ कहा गया कि नया आवंटन 2019 के पटना हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला आवंटन को सार्वजनिक धन का दुरुपयोग बताते हुए रद्द कर दिया गया था। उस फैसले के बाद राबड़ी को विपक्ष नेता के पद पर ही 10 सर्कुलर रोड का बंगला मिला था, लेकिन अब NDA सरकार ने इसे फिर से लागू करते हुए शिफ्टिंग का आदेश दिया।
10 सर्कुलर रोड का बंगला न सिर्फ राबड़ी और लालू परिवार का आवास है, बल्कि RJD का कैंप ऑफिस भी। यहां पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकें, रणनीति सत्र और लालू प्रसाद के राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। लालू प्रसाद, जो स्वास्थ्य कारणों से व्हीलचेयर पर हैं, भी यहीं रहते हैं। हाल ही में उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गुस्सा जाहिर किया, “सरकार बंगला छीन सकती है, लेकिन बाबा (लालू) को बिहारियों के दिलों से कैसे निकालोगे? यह सुषासन बाबू (नीतीश) का विकास मॉडल है – बदला लेना।” रोहिणी ने हाल ही में RJD छोड़ दी थी, लेकिन परिवार के प्रति वफादारी दिखाई।
RJD के अन्य नेताओं ने भी तीखा रुख अपनाया। प्रवक्ता ईजाज अली अहमद ने कहा, “नीतीश सरकार NDA की गुलामी कर रही है। चुनाव में BJP ने लालू परिवार पर हमला बोला, अब सत्ता में आकर बदला ले रही। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।” चित्रनजन गगन ने कहा, “आधिकारिक नोटिस मिलने पर जवाब देंगे, लेकिन बंगला खाली करने का कोई सवाल ही नहीं।” पार्टी ने इसे “राजनीतिक उत्पीड़न” बताते हुए विधानसभा में हंगामा करने का ऐलान किया। बिहार विधानसभा चुनाव में RJD को महज 25 सीटें मिलीं, जबकि 2020 में 75 थीं, जिसके बाद सत्ता से बाहर होने का दर्द अब बंगला विवाद में उभर रहा है।
नीतीश सरकार का पक्ष: BCD मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, “नया बंगला बड़ा और बेहतर है। यह नियमों के अनुसार है, कोई बदला नहीं।” लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह NDA की रणनीति है – RJD को कमजोर करने की। लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी उनका बंगला खाली करने का नोटिस मिला है। अब सवाल है कि RJD का “अल्टीमेटम” कितना टिकेगा? पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी या सड़क पर उतरेगी? बिहार की सियासत में यह नया मोड़ पूरे राज्य को हिला रहा है।
