सिम कार्ड दुरुपयोग पर DoT की सख्त चेतावनी: फ्रॉड में इस्तेमाल हुआ तो घर पर पहुंचेगी पुलिस
सिम कार्ड दुरुपयोग पर DoT की सख्त चेतावनी: फ्रॉड में इस्तेमाल हुआ तो घर पर पहुंचेगी पुलिस
साइबर फ्रॉड और मोबाइल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दूरसंचार विभाग (DoT) ने करोड़ों सिम कार्ड यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगर आपके नाम पर जारी सिम कार्ड का कोई दुरुपयोग—चाहे फर्जी KYC से लिया गया हो या किसी और को सौंप दिया गया हो—साइबर अपराध में पकड़ा जाता है, तो पुलिस सीधे आपके घर पहुंच सकती है। टेलीकॉम एक्ट 2023 के तहत ऐसा माना जाएगा कि आप ही जिम्मेदार हैं, भले ही आपने फ्रॉड न किया हो। विभाग ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेजों से सिम लेना, IMEI नंबर में छेड़छाड़ वाले फोन पर सिम चलाना या CLI (कॉलर आईडी) बदलने वाले ऐप्स का इस्तेमाल करना गंभीर अपराध है। इसके लिए 50 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।
DoT के बयान में कहा गया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों के आधार या पैन जैसे डॉक्यूमेंट्स चुराकर फर्जी सिम एक्टिवेट करते हैं। ये सिम बाद में लोन फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, ब्लैकमेलिंग या ऑनलाइन धमकी में इस्तेमाल होते हैं। जब पुलिस ट्रेसिंग करती है, तो सबसे पहले उसी व्यक्ति तक पहुंचती है जिसके नाम पर सिम रजिस्टर्ड है। हाल के महीनों में साइबर सेल ने कई केस पकड़े, जहां बेकसूर लोग फंस गए क्योंकि उनकी पुरानी या बिना इस्तेमाल सिम का मिसयूज हो गया था। उदाहरण के तौर पर, छत्तीसगढ़ के एक युवक को क्रिकेटर रजत पाटीदार की पुरानी सिम अलॉट हो गई, जिससे उसे पुलिस का सामना करना पड़ा।
विभाग ने यूजर्स को ‘संचार साथी’ पोर्टल (sancharsathi.gov.in) पर जाकर चेक करने की सलाह दी। यहां आप देख सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं—सामान्यतः एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम ही वैध हैं। अगर अतिरिक्त सिम मिलें, तो तुरंत डीएक्टिवेट करवाएं। चोरी हुए फोन की रिपोर्ट भी इसी पोर्टल पर दर्ज हो सकती है। DoT ने चेतावनी दी कि फर्जी सिम यूजर्स को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जिससे 3 साल तक नई सिम लेना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, eSIM घोटालों पर भी अलर्ट है, जहां स्कैमर बिना OTP के खाते खाली कर देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये नियम साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करेंगे, लेकिन बेकसूर यूजर्स के लिए चुनौती हैं। TRAI और DoT मिलकर ब्लैकलिस्ट डेटाबेस तैयार कर रहे हैं, जिसमें फर्जी सिम वालों की जानकारी सभी टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel, Vodafone) के साथ शेयर होगी। नोटिस मिलने पर 7 दिनों में जवाब देना अनिवार्य है, वरना सख्त कार्रवाई। सरकार का दावा है कि इससे फर्जी कॉल और SMS पर 70% तक लगाम लगेगी।
यूजर्स को सलाह: कभी सिम शेयर न करें, KYC हमेशा खुद करें, और संदिग्ध कॉल पर 1930 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें। पुरानी सिम को रिचार्ज रखें या डीएक्टिवेट करवाएं। ये अलर्ट न सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि देशव्यापी डिजिटल फ्रॉड को रोकने का बड़ा कदम है। अगर आपके नाम पर अनजान सिम है, तो आज ही चेक करें—वरना कल पुलिस का चक्कर लग सकता है।
