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फर्जी फर्म, विदेशों तक सप्लाई और 5 FIR… कोडीन कफ सिरप तस्कर शुभम जायसवाल की पूरी कहानी

फर्जी फर्म, विदेशों तक सप्लाई और 5 FIR… कोडीन कफ सिरप तस्कर शुभम जायसवाल की पूरी कहानी

उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का एक ऐसा नेटवर्क उजागर हुआ है, जो मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों के बाद सुर्खियों में आ गया। इस रैकेट का मास्टरमाइंड वरणसी का शुभम जायसवाल है, जो फर्जी फर्मों के जाल से हिमाचल प्रदेश की फैक्ट्रियों से सिरप खरीदता, गाजियाबाद में स्टॉक करता और झारखंड, बिहार, यूपी के अलावा बांग्लादेश व नेपाल तक सप्लाई करता था। अनुमान है कि 2023-2025 के बीच 89 लाख बोतलों का कारोबार चला, जिसकी वैल्यू 100 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद के खिलाफ सोनभद्र, गाजियाबाद, वाराणसी व जौनपुर में कुल 5 FIR दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन मुख्य आरोपी दुबई भाग चुका है।

कैसे चला यह काला कारोबार?

शुभम ने ‘शैली ट्रेडर्स’ (रांची) और ‘न्यू वृद्धि फार्मा’ (वाराणसी) जैसी फर्जी कंपनियों के नाम से हिमाचल की फैक्ट्रियों से कोडीन सिरप खरीदा। इन फर्मों के नाम पर बेनामी ड्रग लाइसेंस और फर्जी इनवॉयस बनाए गए। गाजियाबाद के वेयरहाउस में स्टॉक जमा कर ट्रक व कूरियर से राज्यों तक भेजा जाता। जौनपुर में हाल ही एक रेड में 1.89 लाख बोतलें (मूल्य 42 करोड़) जब्त हुईं, जो शैली एंटरप्राइजेज के नाम से आई थीं। वाराणसी में 102 फर्मों की जांच में 31 फर्जी निकलीं, जिनमें से 28 पर केस दर्ज। एक वेयरहाउस से 2 करोड़ की सिरप जब्ती के बाद 17 लोग, जिनमें शुभम शामिल, आरोपी बने।

मास्टरमाइंड शुभम का बैकग्राउंड

वाराणसी के प्रह्लाद घाट निवासी शुभम (उम्र 32) एक फार्मास्यूटिकल डीलर है, जो 2018 से इस धंधे में सक्रिय। उसके पिता भोला प्रसाद फर्मों के मालिक बने, जबकि शुभम सप्लाई चेन संभालते। जांच में पता चला कि शुभम ने 93 फर्मों को सप्लाई की, जिनमें से कई बंद या अस्तित्वहीन थीं। मेरठ के आसिफ (दुबई बेस्ड) व वसीम के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में भी नेटवर्क फैलाया। मध्य प्रदेश की मौतों के बाद FSDA की स्पेशल टीम ने 12-14 नवंबर को ऑपरेशन चलाया, जिसमें 28 डीलर बुक हुए। घाजीाबाद में 1.5 लाख बोतलें जब्ती के बाद 8 गिरफ्तार।

पुलिस व FSDA की कार्रवाई

FSDA कमिश्नर रोशन जैकब के नेतृत्व में 51 फर्मों की जांच हुई। सोनभद्र पुलिस के टिप-ऑफ पर घाजीाबाद में 3 नवंबर को रेड पड़ी। जौनपुर में 12 मेडिकल स्टोर मालिकों पर फ्रॉड व क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी का FIR। नारकोटिक ड्रग्स एक्ट की धारा 26(d) के तहत केस। SIT गठित कर 100 करोड़ के स्कैम की गहराई जांच रही। अब तक 37 लाख बोतलें (57 करोड़) की अवैध बिक्री उजागर। बांग्लादेश में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली इस सिरप की स्मगलिंग गल्फ देशों तक पहुंची थी।

खतरे व सबक

कोडीन सिरप नशे का रूप ले चुका है, जो लिवर फेलियर व मौत का कारण बनता है। मध्य प्रदेश में बच्चे इसके शिकार हुए। पुलिस का कहना है कि यह ऑर्गनाइज्ड क्राइम है, जिसमें देशभर के सिंडिकेट जुड़े। शुभम जैसे तस्करों को पकड़ने के लिए इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन जरूरी। FSDA अब ट्रैकिंग सिस्टम सख्त करेगी। फिलहाल, शुभम की तलाश जारी है—दुबई से एक्सट्राडिशन की कोशिश हो रही। यह केस ड्रग माफिया के खिलाफ जंग का नया अध्याय है।

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