शराब लिवर को क्यों मार डालती है? 5 बड़े खतरे जो हर शराब पीने वाला जान ले
शराब लिवर को क्यों मार डालती है? 5 बड़े खतरे जो हर शराब पीने वाला जान ले
शराब का ज्यादातर नुकसान सीधे लिवर पर पड़ता है, क्योंकि लिवर ही शरीर में पहुंची शराब को तोड़ने (मेटाबॉलाइज) का काम करता है। एक बार में 90% तक अल्कोहल लिवर ही प्रोसेस करता है। यही वजह है कि लंबे समय तक शराब पीने से लिवर की हालत खराब होती जाती है और आखिरकार वह पूरी तरह फेल हो सकता है।
1. फैटी लिवर (अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज)
शराब पीते ही लिवर में फैट जमा होने लगता है।
सिर्फ 2-3 हफ्ते रोज़ पीने से लिवर फैटी हो सकता है।
शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखता, लेकिन अल्ट्रासाउंड में साफ पता चल जाता है।
अच्छी बात: अगर यहाँ शराब छोड़ दें तो 4-6 हफ्ते में लिवर फिर नॉर्मल हो जाता है।
2. अल्कोहलिक हेपेटाइटिस (लिवर में सूजन)
लगातार पीने से लिवर की कोशिकाएं सूजने लगती हैं और मरने लगती हैं।
लक्षण: पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द, उल्टी, बुखार, पीलिया (आंखें-त्वचा पीली), भूख न लगना।
30-50% मामलों में यह जानलेवा हो सकता है।
3. लिवर सिरोसिस (अंतिम स्टेज)
लिवर की स्वस्थ कोशिकाएं मरकर उनकी जगह सख्त ऊतक (फाइब्रोसिस) बन जाता है।
लिवर सिकुड़ जाता है, सख्त हो जाता है, काम करना बंद कर देता है।
लक्षण: पेट में पानी भरना (एसाइटिस), पैरों में सूजन, खून की उल्टी, दिमागी भ्रम (हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी), बार-बार इन्फेक्शन।
एक बार सिरोसिस हो जाए तो यह ठीक नहीं होता। सिर्फ लिवर ट्रांसप्लांट ही बचाव है।
4. लिवर कैंसर का खतरा 8-10 गुना बढ़ जाता है
सिरोसिस के बाद हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर) होने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है।
भारत में लिवर कैंसर के 20-25% केस शराब से जुड़े होते हैं।
5. महिलाएं ज्यादा खतरे में
महिलाओं का लिवर एंजाइम (ADH) कम होता है, इसलिए एक ही मात्रा शराब से उन्हें पुरुषों से 2-3 गुना ज्यादा नुकसान होता है।
कितनी शराब है “सुरक्षित”?
पुरुष: 2 स्टैंडर्ड ड्रिंक/दिन से ज्यादा नहीं (1 ड्रिंक = 30 ml व्हिस्की/वोडका या 1 बीयर)
महिला: 1 स्टैंडर्ड ड्रिंक/दिन से ज्यादा नहीं
सबसे सुरक्षित: बिल्कुल न पिएं।
छोड़ने के फायदे
2-4 हफ्ते में फैटी लिवर ठीक
6-12 महीने में सूजन कम
सिरोसिस हो चुका हो तो भी आगे नुकसान रुक जाता है और जिंदगी बढ़ जाती है
अगर आपको लगता है आपकी शराब की आदत बढ़ती जा रही है या लिवर में कोई लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से मिलें और LFT, अल्ट्रासाउंड करवाएं। शराब छोड़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन लिवर दोबारा नहीं मिलता।
