डॉक्टर की चेतावनी: पिंक सॉल्ट (हिमालयन नमक) से हो सकती है आयोडीन की कमी!
डॉक्टर की चेतावनी: पिंक सॉल्ट (हिमालयन नमक) से हो सकती है आयोडीन की कमी!
हां, यह चेतावनी बिल्कुल सही है। हाल ही में वायरल हो रहे एक डॉक्टर के वीडियो में बताया गया है कि लोग हेल्थ ट्रेंड के चक्कर में हिमालयन पिंक सॉल्ट (गुलाबी नमक) को टेबल सॉल्ट की जगह इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह आयोडीन की कमी का खतरा बढ़ा सकता है। पिंक सॉल्ट में आयोडीन की मात्रा न के बराबर होती है, जबकि हमारा शरीर थायरॉइड हार्मोन (थायरॉक्सिन) बनाने के लिए आयोडीन पर निर्भर करता है। आयोडीन की कमी से घेंघा रोग (गर्दन में सूजन), थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आइए विस्तार से समझते हैं।
क्यों है पिंक सॉल्ट खतरनाक?
आयोडीन की कमी: सामान्य टेबल सॉल्ट (सफेद नमक) में आयोडीन मिलाया जाता है, जो भारत सरकार की नीति के तहत अनिवार्य है। लेकिन हिमालयन पिंक सॉल्ट प्राकृतिक खनिजों (जैसे आयरन, मैग्नीशियम) से भरपूर होने के बावजूद आयोडीन-फ्री होता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से शरीर में आयोडीन का स्तर गिर जाता है, खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में।
वायरल वीडियो का मामला: एक डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा गया कि “पिंक सॉल्ट को हेल्दी सोचकर खा रहे हैं, लेकिन यह आयोडीन डेफिशिएंसी का कारण बन रहा है।” यह वीडियो लाखों लोगों ने देखा है।
अन्य रंगीन नमक: सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) या काला नमक भी आयोडीन-मुक्त होते हैं। इनका ज्यादा इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोगियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इनमें पोटैशियम ज्यादा होता है।
आयोडीन की कमी के लक्षण (इन्हें इग्नोर न करें!)
गर्दन में सूजन (घेंघा रोग)।
थकान, कमजोरी और डिप्रेशन।
वजन बढ़ना या बाल झड़ना।
बच्चों में मानसिक विकास में बाधा।
महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी दिक्कतें।
यदि ये लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जांच कराएं। ब्लड टेस्ट से थायरॉइड हार्मोन (TSH, T3, T4) चेक किया जा सकता है।
क्या करें बचाव के लिए?
आयोडीन युक्त नमक चुनें: पैकेट पर “Iodized Salt” या “पोटैशियम आयोडाइड युक्त” लिखा होना चाहिए। रोजाना 5-10 ग्राम पर्याप्त है।
संतुलित डाइट: समुद्री मछली, दूध, अंडा, दही और हरी सब्जियां आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं।
ट्रेंड्स से सावधान: पिंक सॉल्ट को कभी-कभी स्वाद के लिए इस्तेमाल करें, लेकिन मुख्य नमक न बनाएं। सेंधा नमक व्रत के लिए ठीक, लेकिन रोजाना नहीं।
डॉक्टर की सलाह: अगर थायरॉइड समस्या है, तो सप्लीमेंट्स लें, लेकिन बिना सलाह के नहीं।
भारत में आयोडीन की कमी एक बड़ी समस्या है, जो “साइलेंट किलर” कहलाती है। सरकारी अभियान के बावजूद, हेल्थ ट्रेंड्स से लोग फिर से जोखिम में पड़ रहे हैं। हमेशा आयोडीन-फोर्टिफाइड नमक ही खरीदें। अगर कोई शक हो, तो डॉक्टर से मिलें—स्वास्थ्य पहले!
यह जानकारी प्रमुख स्वास्थ्य स्रोतों से ली गई है।
