बिहार में AIMIM का बड़ा ऐलान: ओवैसी ने नीतीश सरकार को सहयोग का प्रस्ताव दिया, शर्त सीमांचल का विकास!
बिहार में AIMIM का बड़ा ऐलान: ओवैसी ने नीतीश सरकार को सहयोग का प्रस्ताव दिया, शर्त सीमांचल का विकास!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 21 नवंबर 2025 को अमौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रचनात्मक सहयोग की पेशकश की। उन्होंने साफ कहा कि अगर NDA सरकार सीमांचल क्षेत्र के साथ न्याय करती है – जैसे बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस – तो AIMIM खुले तौर पर समर्थन करने को तैयार है। यह बयान बिहार चुनाव में AIMIM की 5 सीटों की जीत के बाद आया, जो मुख्य रूप से सीमांचल (पूर्णिया, किशनगंज, अररिया) से हैं। ओवैसी ने NDA की जीत को जनादेश बताते हुए बधाई दी, लेकिन महागठबंधन पर निशाना साधा कि वे मुस्लिम वोटों को ‘वोट कटर’ कहकर बुनियादी मुद्दों से भटकाते हैं।
सहयोग की पेशकश: सीमांचल पर फोकस क्यों?
ओवैसी ने कहा, “सीमांचल 11 साल से उपेक्षित है। बाढ़, गरीबी, बेरोजगारी – ये समस्याएं बरकरार हैं। नीतीश जी अगर विकास पर गंभीर हैं, तो हम उनका साथ देंगे।” उन्होंने जोर दिया कि AIMIM का मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की आवाज उठाना है।
मुख्य शर्तें: अस्पताल, स्कूल, पुल, महिला-बच्चों के लिए इंडस्ट्री – इन पर काम।
ओवैसी का वादा: हर 6 महीने में सीमांचल का दौरा, विधायकों से सीधा संपर्क। यह प्रस्ताव NDA के लिए रणनीतिक हो सकता है, क्योंकि AIMIM की 5 सीटें विधानसभा में बैलेंसिंग फैक्टर बन सकती हैं। हालांकि, BJP ने इसे ‘वोट बैंक पॉलिटिक्स’ बताकर खारिज किया।
5 विधायकों के लिए पार्टी कार्यालय: जनसंपर्क को मजबूत बनाना
ओवैसी ने अमौर सभा में ऐलान किया कि AIMIM के सभी 5 विधायकों (अमौर, बायसी, जोकीहाट, कदवा, ठाकुरगंज) के क्षेत्रों में 6 महीने के अंदर स्थायी कार्यालय खोले जाएंगे।
कामकाज: विधायक सप्ताह में 2 दिन कार्यालय में रहेंगे, जनता की शिकायतें सुनेंगे।
उद्देश्य: “हम सत्ता से दूर रहकर भी सेवा करेंगे। सीमांचल के लोगों का वोट विकास के लिए था, हम उसका जवाब देंगे।” यह कदम 2020 की तरह विधायकों के ‘डिफेक्शन’ को रोकने का प्रयास भी लगता है, जब 4 AIMIM MLA RJD में चले गए थे।
NDA सरकार को बधाई: चुनाव परिणाम का संदर्भ
ओवैसी ने कहा, “लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान जरूरी। NDA की 202 सीटों की जीत (BJP-89, JDU-84) को स्वीकार करते हैं।” नीतीश कुमार 10वीं बार CM बने, 26 मंत्रियों के साथ कैबिनेट। AIMIM ने महागठबंधन (RJD-75, कांग्रेस-19) की हार पर तंज कसा: “M-Y कॉम्बिनेशन से भ्रम फैलाया, लेकिन BJP को रोकने का जिम्मा सिर्फ मुसलमानों पर क्यों?” ओवैसी ने RJD को सलाह दी कि ‘वोट गिवर्स’ से ‘वोट गेटर्स’ बनें।
राजनीतिक प्रभाव: क्या बदलेगा बिहार का समीकरण?
AIMIM की ताकत: 5 सीटें सीमांचल में मजबूत बेस। ओवैसी का बलरामपुर (पुर्णिया) विजिट ‘शक्ति प्रदर्शन’ था, जहां उन्होंने कहा, “लाल किला ढह गया, अब हरा रंग चढ़ेगा।”397204
विपक्ष की प्रतिक्रिया: RJD ने AIMIM को ‘BJP का B-टीम’ कहा, लेकिन ओवैसी ने इसे खारिज किया।
आगे क्या?: नीतीश सरकार अगर सहयोग स्वीकार करती है, तो विकास बजट में सीमांचल को प्राथमिकता मिल सकती है। वरना, AIMIM विपक्ष में सक्रिय रहेगी।
यह कदम बिहार की राजनीति को नया आयाम दे सकता है। अपडेट्स के लिए AIMIM या JDU की आधिकारिक साइट्स चेक करें।
