X, फेसबुक और ChatGPT समेत कई साइट्स डाउन: क्लाउडफ्लेयर सर्वर में खराबी से मचा हड़कंप
X, फेसबुक और ChatGPT समेत कई साइट्स डाउन: क्लाउडफ्लेयर सर्वर में खराबी से मचा हड़कंप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), OpenAI का ChatGPT, फेसबुक के कुछ सर्विसेज और कई अन्य वेबसाइट्स आज दोपहर से ठप हो गईं। यूजर्स को पोस्ट लोड करने, नई सामग्री अपलोड करने या साइट एक्सेस करने में भारी परेशानी हो रही है। समस्या का मुख्य कारण क्लाउडफ्लेयर नामक वेब इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के सर्वर में आई खराबी बताई जा रही है, जिसने वैश्विक स्तर पर लाखों यूजर्स को प्रभावित किया है। आउटेज ट्रैकर डाउंडिटेक्टर भी खुद डाउन होने के कारण सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
यह आउटेज दोपहर करीब 5 बजे IST से शुरू हुआ, जब क्लाउडफ्लेयर के नेटवर्क में ‘इंटरनल सर्वर एरर’ की समस्या उभरी। यूजर्स को “कृपया कुछ मिनट बाद दोबारा प्रयास करें” जैसी त्रुटि संदेश दिखाई दे रहे हैं। क्लाउडफ्लेयर ने अपनी स्टेटस वेबसाइट पर पुष्टि की कि यह एक व्यापक समस्या है, जो कई कस्टमर्स को प्रभावित कर रही है। कंपनी ने कहा, “हम समस्या की पूरी जांच कर रहे हैं और इसे ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।” इस आउटेज से X पर पोस्ट्स लोड न होने, ChatGPT पर चैट जेनरेट न होने के अलावा पेपाल, कैनवा, AWS और क्लॉड जैसे प्लेटफॉर्म्स भी प्रभावित हुए। फेसबुक के कुछ फीचर्स, खासकर जो क्लाउडफ्लेयर पर निर्भर हैं, में भी दिक्कतें आईं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा, “ChatGPT डाउन है, डाउंडिटेक्टर चेक करने गया तो वो भी डाउन!” जबकि दूसरे ने मीम शेयर करते हुए कहा, “क्लाउडफ्लेयर डाउन तो इंटरनेट का आधा हिस्सा बंद।” वैश्विक स्तर पर 11,000 से ज्यादा रिपोर्ट्स दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें अमेरिका, यूके और भारत सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। OpenAI ने अपनी स्टेटस पेज पर ChatGPT के लिए 6 घंटे से चली आ रही समस्या का उल्लेख किया है, और टीम फिक्स पर काम कर रही है। X के मालिक एलन मस्क ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन प्लेटफॉर्म पर ही शिकायतों का सिलसिला जारी है।
यह आउटेज हाल के दिनों में तीसरा बड़ा हादसा है। कुछ ही दिनों पहले अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) की खराबी से स्नैपचैट और व्हाट्सएप प्रभावित हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि क्लाउडफ्लेयर जैसी कंपनियों पर इंटरनेट का भारी निर्भरता बढ़ रही है, जिससे ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं। कंपनी ने पहले भी 2024 में इसी तरह की समस्या का सामना किया था। फिलहाल, यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि वे कुछ घंटे इंतजार करें या वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करें। क्लाउडफ्लेयर का डैशबोर्ड और API भी ठप हैं, जिससे ठीक होने में समय लग सकता है।
कुल मिलाकर, यह वैश्विक आउटेज डिजिटल दुनिया को झकझोर रहा है। जैसे-जैसे समस्या सुलझ रही है, यूजर्स राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन यह घटना साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर सवाल खड़े कर रही है।
