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दिल्ली का स्मॉग: गैस चैंबर बनी राजधानी, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए जहरीली हवा से दिमाग बचाने के 5 आसान उपाय

दिल्ली का स्मॉग: गैस चैंबर बनी राजधानी, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए जहरीली हवा से दिमाग बचाने के 5 आसान उपाय

दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 531 के स्तर पर पहुंच गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, PM2.5 का स्तर 481 और PM10 का 531 दर्ज किया गया, जो फेफड़ों और दिमाग के लिए घातक है। इससे पहले 15 नवंबर को AQI 386 था, लेकिन ठंड बढ़ने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से स्थिति बिगड़ गई। विजिबिलिटी घटकर 100 मीटर से नीचे रह गई, और इंडिया गेट जैसी जगहें धुंध में ढक गईं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP स्टेज III लागू रखा है, जिसमें कंस्ट्रक्शन बैन, BS-III/IV वाहनों पर पाबंदी और स्कूलों में हाइब्रिड मोड शामिल है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदूषण सिर्फ सांस की बीमारियां ही नहीं, बल्कि न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी पैदा कर रहा है। प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अंजलि मेहता (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, AIIMS) ने चेतावनी दी है कि PM2.5 कण खून के जरिए ब्रेन-ब्लड बैरियर तोड़कर दिमाग में घुस जाते हैं, जिससे सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और न्यूरॉन्स की मौत होती है। इससे डिमेंशिया, स्ट्रोक, अल्जाइमर और बच्चों में IQ में कमी का खतरा बढ़ता है। “प्रदूषित हवा दिमाग को धीरे-धीरे जहर दे रही है। बुजुर्गों और बच्चों को तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए,” डॉ. मेहता ने कहा।

डॉ. मेहता ने जहरीली हवा से दिमाग बचाने के लिए 5 व्यावहारिक टिप्स साझा किए:

N95 मास्क लगाएं: बाहर निकलते समय N95 या समकक्ष मास्क पहनें। यह PM2.5 कणों को 95% तक रोकता है, दिमाग तक पहुंचने से बचाता है।

घर के अंदर रहें, एयर प्यूरीफायर चलाएं: AQI 300 से ऊपर होने पर घर से बाहर न निकलें। HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, खासकर बेडरूम में। खिड़कियां बंद रखें।

हाइड्रेटेड रहें और एंटीऑक्सीडेंट्स लें: ज्यादा पानी पिएं। हरी सब्जियां, फल (जैसे बेरीज, पालक) और विटामिन C/E सप्लीमेंट्स लें। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करते हैं।

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज कंट्रोल करें: प्रदूषण इनकी वजह से दिमाग को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। नियमित चेकअप करवाएं, दवाइयां समय पर लें।

एक्सरसाइज और स्ट्रेस मैनेजमेंट: इंडोर योगा या हल्की एक्सरसाइज करें। मेडिटेशन से स्ट्रेस कम करें, क्योंकि तनाव प्रदूषण के असर को दोगुना करता है।

इस संकट ने सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा को पराली जलाने पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। पर्यावरण मंत्री ने कहा, “विंटर एक्शन प्लान के तहत क्लाउड सीडिंग और आर्टिफिशियल रेन पर काम चल रहा है।” लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के उपाय जैसे इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाना और इंडस्ट्री शिफ्ट जरूरी हैं।

दिल्लीवासी अब स्मॉग से जूझ रहे हैं। एक निवासी ने कहा, “आंखें जल रही हैं, सिरदर्द हो रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे।” WHO के अनुसार, भारत में प्रदूषण से सालाना 16 लाख मौतें होती हैं, जिनमें 20% न्यूरोलॉजिकल हैं। क्या GRAP से राहत मिलेगी या दिल्ली ‘गैस चैंबर’ बनी रहेगी? आने वाले दिनों में हवा की दिशा तय करेगी। फिलहाल, डॉ. मेहता की सलाह मानकर खुद को बचाएं। स्वच्छ हवा हमारा अधिकार है!

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