लाल किला ब्लास्ट: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 2 डॉक्टरों समेत 3 हिरासत में, चीटिंग-फॉर्जरी के आरोप में 2 FIR दर्ज
लाल किला ब्लास्ट: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 2 डॉक्टरों समेत 3 हिरासत में, चीटिंग-फॉर्जरी के आरोप में 2 FIR दर्ज
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार बम विस्फोट की जांच तेज हो गई है, जिसमें 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के नूंह जिले से अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टरों समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। इससे पहले गिरफ्तार डॉक्टरों के नेटवर्क से जुड़े इन डॉक्टरों पर आतंकी मॉड्यूल से लिंक होने का शक है। उधर, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच ने चीटिंग और फॉर्जरी के आरोपों में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्पेशल सेल ने एनआईए की मदद से नूंह के सुनहरा गांव और फिरोजपुर झिरका क्षेत्र से डॉक्टर मोहम्मद और मुस्तकीम को हिरासत में लिया। तीसरा हिरासत में लिया गया व्यक्ति दिनेश उर्फ डब्बू है, जो बिना लाइसेंस के खाद सामग्री बेचता था। मुस्तकीम ने चीन से MBBS किया और हाल ही में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप पूरी की, जबकि मोहम्मद अभी इंटर्नशिप कर रहा है। दोनों का संबंध मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर नबी से बताया जा रहा है, जो ब्लास्ट वाली कार चला रहा था। उमर फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था।
पहले से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन सईद ने हाल में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जो संदिग्ध माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि ये ‘सफेदपोश’ डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में थे। फरीदाबाद में डॉक्टर मुजम्मिल गनई के पास से 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ कि मॉड्यूल ने 26 लाख रुपये इकट्ठा कर तीन लाख रुपये एनपीके उर्वरक पर खर्च किए, जो आईईडी बनाने में इस्तेमाल होता है। आरोपी सिग्नल और थ्रीमा जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर बात करते थे। एक अन्य आरोपी डॉक्टर निसार आलम को बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर दर्ज दो FIR गंभीर हैं। पहली चीटिंग (IPC धारा 420) के तहत है, जहां यूनिवर्सिटी पर नियम तोड़ने का आरोप है। दूसरी फॉर्जरी (IPC धारा 465-471) की है, जिसमें गलत तरीके से मान्यता लेने के दावे शामिल हैं। यह कार्रवाई UGC और NAAC की शिकायत पर हुई। पुलिस ने ओखला स्थित यूनिवर्सिटी दफ्तर पर छापा मारा और डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। ED के आने की भी संभावना है। यूनिवर्सिटी ने आरोपों का खंडन किया, लेकिन जांच जारी है।
मामले में अब तक पांच से अधिक हिरासतें हो चुकी हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टर भी शामिल हैं। एक नया CCTV फुटेज में उमर हमले से पहले घबरा हुआ दिखा। एनआईए का मानना है कि मॉड्यूल कई कार बम विस्फोटों की योजना बना रहा था, लेकिन साजिश का पर्दाफाश हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘गंभीर साजिश’ बताया और दोषियों को बख्शने की बात कही। दिल्ली पुलिस ने साजिश की धाराओं में दूसरी FIR दर्ज की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉक्टरों का आतंकी नेटवर्क में शामिल होना चिंताजनक है। क्या यह कश्मीर से जुड़े बड़े मॉड्यूल का हिस्सा है? जांच में दुबई में जैश हैंडलर्स से लिंक भी सामने आया। फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
