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जावा द्वीप में भूस्खलन का कहर: 2 की मौत, 21 लापता; बचाव कार्य जारी

जावा द्वीप में भूस्खलन का कहर: 2 की मौत, 21 लापता; बचाव कार्य जारी

इंडोनेशिया के जावा द्वीप में लगातार हो रही भारी बारिश ने भयानक रूप धारण कर लिया है। केंद्रीय जावा प्रांत के सिलाकैप जिले में गुरुवार शाम को हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि बचाव दल अस्थिर इलाकों में खोजी अभियान चला रहा है, लेकिन खराब मौसम और मिट्टी की अस्थिरता कार्य को मुश्किल बना रही है।

भारी बारिश का कहर: तीन गांवों में दर्जनों घर तबाह

केंद्रीय जावा के सिलाकैप जिले के तीन गांवों—माजेनांग उपजिले में स्थित—में कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने मिट्टी को कमजोर कर दिया, जिससे भूस्खलन की घटना घटी। अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन ने दर्जनों घरों को मलबे में दबा दिया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

मौत और लापता: प्रारंभिक रिपोर्ट्स में दो लोगों की पुष्टि हुई मौत की हो चुकी है, जबकि 21 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे होने का शक है। बचाव एजेंसी BASARNAS के प्रवक्ता ने कहा, “हम भारी मशीनरी, निकासी उपकरण और मैनुअल टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण है।”

प्रभावित क्षेत्र: भूस्खलन ने मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, और आसपास के खेतों में मलबा भर गया है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और राहत सामग्री का इंतजाम किया है।

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि आने वाले हफ्तों में कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जो हाइड्रोमीटरोलॉजिकल आपदाओं को जन्म दे सकती है।

मानसून का मौसम: बार-बार हो रही ऐसी त्रासदियां

इंडोनेशिया का वार्षिक मानसून सीजन, जो अक्टूबर से मार्च तक चलता है, इस द्वीपसमूह देश के लिए अभिशाप साबित होता है। 17,000 द्वीपों वाले इस देश में करोड़ों लोग पहाड़ी इलाकों या बाढ़-प्रवण मैदानों में रहते हैं, जहां बाढ़ और भूस्खलन आम हैं।

हाल ही में नवंबर के शुरुआत में पापुआ क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन से 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लापता थे।

जनवरी 2025 में भी केंद्रीय जावा में ही एक समान घटना में 20 से अधिक लोगों की जान गई थी।

जलवायु परिवर्तन के कारण तूफानों की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे बारिश अधिक भारी और लंबी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आपदा स्थानीय समुदायों के लिए जीविका का संकट पैदा कर रही है, खासकर जहां कृषि मुख्य रोजगार है।

बचाव कार्य तेजी से जारी है, और स्थानीय स्वयंसेवक भी इसमें शामिल हो गए हैं। यदि बारिश का दौर जारी रहा, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। घटना पर नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि मानसून का मौसम अभी शुरू ही हुआ है।

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