दिल्ली ब्लास्ट के तार तुर्की से कैसे जुड़े? जांच में सामने आया चौंकाने वाला लिंक
10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास हुंडई i20 कार में हुए विस्फोट ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायलों के बीच एनआईए और दिल्ली पुलिस की जांच ने अब अंतरराष्ट्रीय आयाम जोड़ दिया है। धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर नबी और गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील गनई के तुर्की कनेक्शन ने साजिश की परतें खोल दी हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों डॉक्टरों ने तुर्की की यात्रा कर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के हैंडलर्स से मुलाकात की थी, जहां उन्हें ऑपरेशन के निर्देश मिले। यह खुलासा न सिर्फ साजिश को पाकिस्तान से जोड़ता है, बल्कि तुर्की को नए आतंकी हब के रूप में उजागर करता है।
जांच में तुर्की लिंक कैसे मिला? एनआईए ने उमर के फरार होने के बाद उसके फरीदाबाद स्थित ठिकाने से बरामद पासपोर्ट, मोबाइल डेटा और डायरी का विश्लेषण किया। पासपोर्ट से पता चला कि उमर और मुजम्मिल ने 2022 और 2025 में तुर्की की यात्राएं कीं। मुजम्मिल जनवरी 2025 में तुर्की गया, जहां अंकारा में JeM के हैंडलर ‘UKasa’ (संभावित कोडनेम) से मिला। दोनों टेलीग्राम ग्रुप्स से जुड़ने के तुरंत बाद तुर्की पहुंचे, जहां सेशन ऐप के जरिए ब्रेनवॉशिंग और ट्रेनिंग सेशन हुए। उमर की डायरी में तुर्की यात्रा के दौरान ‘ऑपरेशन दिल्ली’ के कोडवर्ड्स मिले, जो लाल किले को निशाना बनाने की योजना दर्शाते हैं। सीसीटीवी फुटेज से उमर को तुर्कमान गेट मस्जिद के पास रेकी करते देखा गया, जो यात्रा से लौटने के बाद की गतिविधि है।
एनआईए के अनुसार, तुर्की यात्रा मॉड्यूल को मजबूत करने का टर्निंग पॉइंट थी। उमर, पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर, अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था, जहां से विस्फोटक तस्करी हो रही थी। मुजम्मिल के ठिकाने से 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुए, जो तुर्की से स्मगलिंग के संकेत देते हैं। दोनों ने तुर्की से लौटकर देशभर में सक्रियता बढ़ाई—उमर ने i20 कार खरीदी, जबकि मुजम्मिल ने जनवरी में लाल किले की रेकी की, जो 26 जनवरी को विफल साजिश का हिस्सा थी। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि ब्लास्ट साइट पर मलबे में उमर का ही डीएनए मिला।
यह कनेक्शन JeM के वैश्विक नेटवर्क को एक्सपोज करता है। एनआईए ने तुर्की दूतावास से सहयोग मांगा है, लेकिन तुर्की सरकार ने दिल्ली ब्लास्ट को ‘सिर्फ एक्सप्लोजन’ बताकर पाकिस्तान हमलों से अलग किया। साजिश में अयोध्या भी टारगेट था—25 नवंबर को राम मंदिर पर हमले की प्लानिंग थी। गिरफ्तारियां जारी हैं; लखनऊ से परवेज और मुजम्मिल की बहन को पकड़ा गया। केंद्र ने इसे नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट घोषित कर अलर्ट बढ़ा दिया। क्या तुर्की नया पनाहगार बनेगा? जांच से और राज खुलने की उम्मीद है।
