पूजा के फूल धोकर चढ़ाएं या नहीं? बासी होने में कितने दिन लगते हैं? जानें नियम
पूजा के फूल धोकर चढ़ाएं या नहीं? बासी होने में कितने दिन लगते हैं? जानें नियम
पूजा में फूल चढ़ाने को लेकर अक्सर सवाल उठता है कि क्या उन्हें धोकर चढ़ाना चाहिए और कितने दिनों तक वे ताजा रहते हैं। धार्मिक शास्त्रों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।
फूल धोकर चढ़ाना चाहिए या नहीं?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूलों को धोकर ही चढ़ाना चाहिए।
स्कंद पुराण में उल्लेख है कि फूलों को स्वच्छ जल से धोकर, सूखाकर भगवान को अर्पित करना चाहिए।
इससे फूलों पर लगी धूल, कीटनाशक और बैक्टीरिया दूर हो जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार से लाए फूलों पर कीटनाशकों के अवशेष रहते हैं। धोने से इनमें से 70 प्रतिशत तक केमिकल्स हट जाते हैं।
सलाह: गुलाब, गेंदा, कमल जैसे फूलों को ठंडे पानी से हल्के हाथों धोएं और पूरी तरह सूखने के बाद ही चढ़ाएं।
फूल कब तक ताजा रहते हैं?
शास्त्रों के अनुसार, 24 घंटे बाद फूल बासी माने जाते हैं (विष्णु पुराण)। वैज्ञानिक अध्ययन भी बताते हैं कि 48 घंटे में फूलों में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। विभिन्न फूलों की ताजगी का समय इस प्रकार है:
फूल का प्रकार ताजा रहने का समय बासी होने के लक्षण
गुलाब 1-2 दिन मुरझाना, काला पड़ना
गेंदा 2-3 दिन सूखना, बदबू आना
कमल 1 दिन पंखुड़ियाँ गिरना
चमेली/बेला 1 दिन सुगंध खत्म होना
पूजा में सही तरीका
सुबह ताजे फूल लें।
ठंडे पानी से धोकर सूखने दें।
भगवान को अर्पित करें।
24 घंटे बाद फूल हटाकर बहते जल में प्रवाहित करें।
धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ और ताजे फूलों से पूजा करने पर भगवान की कृपा अधिक मिलती है।
आज से ही अपनाएं ये नियम – पूजा अधिक फलदायी बनेगी!
