बिहार चुनाव: नीतीश का ‘धर्म यात्रा’ – रिजल्ट से पहले दरगाह, मंदिर, गुरुद्वारे में मत्था टेका, पटना की गद्दी पर कौन चढ़ेगा?
बिहार चुनाव: नीतीश का ‘धर्म यात्रा’ – रिजल्ट से पहले दरगाह, मंदिर, गुरुद्वारे में मत्था टेका, पटना की गद्दी पर कौन चढ़ेगा?
बिहार की सियासी कुर्सी पर बैठने का खेल अब अंतिम दौर में है। एग्जिट पोल्स NDA को बहुमत की ओर धकेल रहे हैं, लेकिन 14 नवंबर के रिजल्ट्स से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘डिवाइन स्ट्रैटेजी’ अपना ली। बुधवार को उन्होंने पटना के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा किया – हरा साफा बांधे हजरत साह जलाल शहीद की मजार पर चादर चढ़ाई, महावीर मंदिर में पूजा की, और तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका। साथ में कैबिनेट मंत्री विजय चौधरी और अशोक चौधरी भी थे। यह ‘इंटरफेथ हार्मनी’ का संदेश था, या जीत की ‘गारंटी’ लेने का प्रयास? सवाल वही: पटना की गद्दी पर नीतीश बरकरार रहेंगे, या तेजस्वी यादव का ‘युवा राज’ आ जाएगा?
नीतीश का यह दौरा कोई साधारण भक्ति नहीं, बल्कि सियासी मास्टरस्ट्रोक लग रहा। एग्जिट पोल्स में NDA को 133-167 सीटें मिलने का अनुमान है – मैट्रिज ने 147-167, चाणक्य ने 130-138 दीं। महागठबंधन को 70-102। महिलाओं ने NDA को 65% वोट दिए, जो नीतीश की योजनाओं (₹10,000 सहायता, शराबबंदी) का कमाल। लेकिन तेजस्वी को सीएम पसंदगी में 34-36% वोट – नीतीश के 22% से ज्यादा। X पर #NitishReturns ट्रेंड कर रहा, लेकिन विपक्ष चिल्ला रहा: “पलटीमार राम फिर गेम खेलेगा?”
नीतीश का ‘ट्रिपल तीर्थ’: जीत की भगवान से गारंटी?
महावीर मंदिर (पटना जंक्शन के पास): सुबह 10 बजे पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद दर्शन। साथ में विजय चौधरी। यह हिंदू वोट बैंक को मजबूत करने का संकेत।
हजरत साह जलाल शहीद मजार (हाईकोर्ट के पास): हरा साफा पहन चादर चढ़ाई। मुस्लिम समुदाय को संदेश: “सबका साथ।” लेकिन वक्फ बिल पर JD(U) की BJP समर्थन से नाराजगी बाकी।
तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा: दोपहर में जाकर गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और माता साहिब कौर जी के जोड़े साहिब पर श्रद्धा। सिख समुदाय को सम्मान – चुनावी गणित में सिख वोटर महत्वपूर्ण।
नीतीश ने कहा, “ईश्वर से सबके सुख की प्रार्थना। बिहार आगे बढ़ेगा।” लेकिन राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं: यह NDA की एकजुटता दिखाने का तरीका। तेजस्वी ने ट्वीट: “भक्ति अच्छी, लेकिन जनता का फैसला अंतिम।” प्राशांत किशोर की जन सुराज को 0-5 सीटें – उनका ‘तीसरा मोर्चा’ फ्लॉप।
पटना की गद्दी: नीतीश vs तेजस्वी – कौन जीतेगा?
नीतीश का दावा: 20 साल का ‘सुशासन बाबू’। विकास, कानून-व्यवस्था। NDA में BJP का साथ – अमित शाह ने कहा, “नीतीश ही CM।” लेकिन उम्र (74) और सेहत चिंता।
तेजस्वी का चैलेंज: युवा चेहरा, रोजगार वादे। एग्जिट पोल में महागठबंधन पीछे, लेकिन 2020 जैसी ‘अंडरडॉग’ जीत संभव। RJD को 50-60 सीटें।
संभावनाएं: NDA जीता तो नीतीश तीसरी बार CM। महागठबंधन? तेजस्वी। लेकिन नीतीश की ‘पलटी’ हिस्ट्री (4 बार गठबंधन बदला) सबको सतर्क। BJP आलाकमान साफ: “नीतीश ही लीडर।”
वोटिंग 71% रिकॉर्ड – महिलाओं-युवाओं का जलवा। 14 नवंबर को नतीजे। क्या नीतीश की भक्ति काम आएगी? या तेजस्वी का जोश जीतेगा? कमेंट्स में बताएं – आपका अनुमान?
