उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: पीएम मोदी ने 8260 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, हरीश रावत ने ‘पुरानी सौगात’ बताकर साधा निशाना

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: पीएम मोदी ने 8260 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, हरीश रावत ने ‘पुरानी सौगात’ बताकर साधा निशाना

देहरादून: उत्तराखंड के 25वें राज्य स्थापना दिवस (रजत जयंती) पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह समारोह फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) में आयोजित हुआ, जहां पीएम ने राज्य को ‘वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने का संकल्प दोहराया। लेकिन इस ऐलान के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया, इसे ‘नई सौगात’ न बताकर यूपीए सरकार की पुरानी विरासत करार दिया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने अद्भुत प्रगति की है – बजट 4000 करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ हो गया। उन्होंने जमरानी बांध (नैनीताल) और सौंग बांध (देहरादून) पेयजल परियोजनाओं को प्रमुख बताया, जो लाखों लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया कराएंगी। अन्य परियोजनाओं में सिंचाई, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास शामिल हैं। पीएम ने ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का जिक्र करते हुए कहा कि सीमावर्ती गांव पर्यटन हब बनेंगे, जहां होमस्टे, स्थानीय व्यंजन और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पहाड़ी जिलों को फल उत्पादन केंद्र बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम का स्वागत करते हुए राज्य के ‘रजत जयंती’ उत्सव को ऐतिहासिक बताया।

लेकिन इस उत्साह के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने हरिद्वार में पत्रकारों से कहा, “प्रधानमंत्री ने कोई नई सौगात नहीं दी। जमरानी और सौंग बांध जैसी दो प्रमुख परियोजनाओं को राष्ट्रीय दर्जा यूपीए सरकार ने ही दिया था। हम चाहते थे कि मोदी जी एक व्यापक आर्थिक पैकेज लाएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं, पलायन और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान हो सके।” रावत की बयानबाजी ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। वे अक्सर अपनी तीखी टिप्पणियों से सुर्खियां बटोरते हैं, और इस बार भी उन्होंने मोदी दौरे को ‘प्रतीकात्मक’ बताकर विपक्ष का रुख सख्त कर दिया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह, विधानसभा स्पीकर रीतु खंडूरी और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, विजय बहुगुणा, त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। पीएम ने विशेष डाक टिकट सीरीज भी जारी की, जो राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक प्रतीकों को समर्पित है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये परियोजनाएं राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगी, लेकिन रावत का तर्क यूपीए के योगदान को रेखांकित करता है। 2000 में उत्तराखंड के गठन के 25 साल पूरे होने पर यह समारोह राज्य के भविष्य के लिए एक रोडमैप साबित हो सकता है। फिलहाल, राजनीतिक बहस ने विकास की चर्चा को सियासी रंग दे दिया है – क्या यह नई ऊंचाइयों की शुरुआत है या पुरानी बहस का दोहराव?

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