बिहार चुनावी रणनीति में तेज प्रताप को Y+ सुरक्षा कवर: गृह मंत्रालय का फैसला, RJD पर अप्रत्यक्ष तंज?
बिहार चुनावी रणनीति में तेज प्रताप को Y+ सुरक्षा कवर: गृह मंत्रालय का फैसला, RJD पर अप्रत्यक्ष तंज?
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक फैसला आया है। जनशक्ति जनता दल (JSJD) के संस्थापक और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार ने Y+ कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। गृह मंत्रालय के आदेश पर सीआरपीएफ की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है, जिसमें 11 आर्म्ड कमांडो शामिल हैं। यह सुरक्षा VIP प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत दी गई है, जहां 5 कमांडो तेज प्रताप के आवास और आसपास स्थायी रूप से तैनात रहेंगे। यह कदम बिहार चुनाव के पहले चरण (6 नवंबर) के बाद आया, जब तेज प्रताप महुआ सीट से अपनी नई पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह फैसला हालिया खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है। तेज प्रताप की सक्रिय राजनीतिक भूमिका और चुनावी गतिविधियों को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी था।” Y+ सुरक्षा में हथियारबंद गार्ड्स, वाहन चेकिंग और 24×7 मॉनिटरिंग शामिल है, जो Z श्रेणी से एक कदम नीचे लेकिन X+ से ऊपर है। तेज प्रताप को पहले X+ सुरक्षा थी, लेकिन चुनावी तनाव बढ़ने से इसे अपग्रेड किया गया। यह फैसला RJD परिवार के लिए राहत है, लेकिन विपक्ष इसे ‘राजनीतिक दबाव’ का नतीजा बता रहा है।
तेज प्रताप ने अप्रैल 2025 में RJD से निष्कासित होने के बाद JSJD की स्थापना की, जिसका चुनाव चिह्न ‘ब्लैक बोर्ड’ है। पार्टी ने पूरे बिहार में 43 उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें महुआ सीट से खुद तेज प्रताप मैदान में हैं। उन्होंने कहा, “हम बिहार के संपूर्ण विकास के लिए समर्पित हैं। जो सरकार रोजगार देगी, पलायन रोकेगी, उसके साथ रहेंगे।” लेकिन RJD ने महुआ में अपने उम्मीदवार उतारकर परिवारिक टकराव पैदा कर दिया। तेजस्वी यादव ने कहा, “पार्टी से बड़ा कोई नहीं। RJD के चिह्न पर वोट दो।” तेज प्रताप का भविष्य तेजस्वी के प्रदर्शन पर निर्भर माना जा रहा है।
यह सुरक्षा कवच चुनावी हिंसा के बीच आया, जहां बिहार में 1300+ उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। NDA (BJP-JDU) के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी पहले चरण में हैं। RJD ने इसे स्वागतयोग्य बताया, लेकिन BJP ने तंज कसा, “कांग्रेस-आरजेडी हमेशा सिक्योरिटी मांगते हैं, लेकिन अपराध रोकने में नाकाम।”
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत कर सकता है, लेकिन RJD के वोट बंटवारे का खतरा बढ़ा रहा है। तेज प्रताप ने कहा, “सुरक्षा से ज्यादा जनता की सुरक्षा जरूरी।” बिहार चुनाव के नतीजे (नवंबर अंत) तय करेंगे कि यह कदम कितना असरदार साबित होता है। फिलहाल, CRPF टीम पटना में तैनात हो चुकी है।
