ईरान-अमेरिका युद्ध: आज की 5 बड़ी खबरें
ईरान-अमेरिका युद्ध: आज की 5 बड़ी खबरें
अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के युद्ध में फरवरी के अंत से शुरू हुई जंग अब युद्धविराम के दौर में है, लेकिन तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। आज कोई बड़ा सैन्य संघर्ष रिपोर्ट नहीं हुआ, मगर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ब्लॉकेड जारी है।
1. ट्रंप ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव की समीक्षा में, कहा- ‘संतुष्ट नहीं’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए नए 14-पॉइंट शांति प्रस्ताव की समीक्षा शुरू कर दी है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से यह प्रस्ताव दिया है, जिसमें 30 दिनों के अंदर सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने की अपील की गई है।
ट्रंप ने कहा, “मैं इसे रिव्यू कर रहा हूं, लेकिन अभी संतुष्ट नहीं हूं।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान को “बड़ा नुकसान” हो सकता है। इससे पहले ट्रंप ने पिछले प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
2. जर्मनी से सैनिक वापसी का ऐलान, ट्रंप-मर्ज विवाद तेज
ईरान युद्ध को लेकर जर्मन चांसलर की आलोचना के बाद ट्रंप ने जर्मनी से हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की संख्या “5,000 से कहीं ज्यादा” कम की जाएगी।
यह कदम NATO के साथ अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा रहा है। जर्मनी ने युद्ध को “अमेरिका के लिए शर्मनाक” बताया था।
3. होर्मुज पर द्विपक्षीय ब्लॉकेड जारी, तेल की कीमतें ऊंची
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों को नाकाबंदी किए हुए है, जबकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अमेरिकी नौसेना ने कई व्यापारिक जहाजों को मोड़ दिया है।
ट्रंप ने इसे “लाभदायक कार्रवाई” बताया और कहा कि अमेरिकी बल “पाइरेट्स की तरह” काम कर रहे हैं। इस वजह से वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं।
4. युद्धविराम बरकरार, लेकिन फिर शुरू हो सकता है संघर्ष
अमेरिका ने कांग्रेस को सूचित किया कि ईरान के साथ “शत्रुताएं समाप्त” हो चुकी हैं, लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया कि जरूरत पड़ी तो हमले दोबारा शुरू किए जा सकते हैं। ईरान का कहना है कि ब्लॉकेड जारी रहने पर जलडमरूमध्य खोलना नामुमकिन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ceasefire कमजोर है और छोटी-सी घटना से जंग फिर भड़क सकती है।
5. मध्य पूर्व सहयोगियों को 8-9 अरब डॉलर के हथियार सौंपे
ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने मध्य पूर्व सहयोगी देशों को अरबों डॉलर के हथियार तेजी से सप्लाई करने का फैसला किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध के दौरान ईरानी हमलों में 16 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा था।
निष्कर्ष: फिलहाल युद्धविराम टिका हुआ है, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबाव बनाए हुए हैं। होर्मुज पर स्थिति और ट्रंप का अगला फैसला आने वाले दिनों में अहम साबित होगा। वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर पड़ रहा है।
