समस्तीपुर में VVPAT पर्ची विवाद: मॉक पोल स्लिप्स कचरे में फेंकी मिलीं, चुनाव आयोग ने ARO सस्पेंड किया, RJD का सवाल- ‘कौन सा वोट चोरी का खेल?’
समस्तीपुर में VVPAT पर्ची विवाद: मॉक पोल स्लिप्स कचरे में फेंकी मिलीं, चुनाव आयोग ने ARO सस्पेंड किया, RJD का सवाल- ‘कौन सा वोट चोरी का खेल?’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के बीच समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सरायरंजन के केएसआर कॉलेज के पास सड़क किनारे कचरे के ढेर में सैकड़ों VVPAT (वोटर वेरिफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल) पर्चियां बिखरी मिलीं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे ‘वोट चोरी का खेल’ बताते हुए चुनाव आयोग पर सवाल दागे, लेकिन आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) अरविंद कुमार साहनी को सस्पेंड कर दिया और FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि ये मॉक पोल की पर्चियां हैं, और वास्तविक वोटिंग प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है।
घटना शनिवार सुबह करीब 6 बजे की है। मतदान केंद्र के पास सड़क पर सफाईकर्मी ने झाड़ू लगाते हुए पर्चियां बिखेर दीं, जिसका वीडियो RJD ने X (पूर्व ट्विटर) पर शेयर किया। वीडियो में सैकड़ों पर्चियां दिख रही हैं, जिनमें कुछ बिना शेडिंग (वोट मार्किंग) के हैं। RJD प्रवक्ता मनीष यादव ने पोस्ट में लिखा, “समस्तीपुर के सरायरंजन में KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM-VVPAT पर्चियां फेंकी मिलीं। कब, कैसे, क्यों, किसके इशारे पर? क्या यह वोट चोरी का साजिश है?” विपक्ष ने इसे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल बताते हुए आयोग से पूर्ण जांच की मांग की।
समस्तीपुर के डीएम रोशन कुशवाहा ने आजतक को बताया, “ये पर्चियां मॉक पोल की हैं। EVM की कमिशनिंग के दौरान 5% मशीनों पर 50 मॉक वोट डाले जाते हैं, जिनकी पर्चियां साफ करने के बाद नष्ट होनी चाहिए। लेकिन लापरवाही से बिना शेडिंग के फेंक दी गईं।” उन्होंने कहा कि पुलिस एसपी के साथ मौके पर पहुंचे, और CCTV फुटेज से पुष्टि हुई कि सफाईकर्मी ने अनजाने में बिखेरा। आयोग ने प्रोटोकॉल के तहत पर्चियां नष्ट करने के नियमों का उल्लंघन मानते हुए ARO अरविंद कुमार साहनी को तत्काल निलंबित किया। इसके अलावा, संबंधित कर्मियों पर IPC की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया।
CEC ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह मॉक पोल की स्लिप्स हैं, जो सुबह 5:30 बजे पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में डाली गईं। बूथ पर तुरंत नई VVPAT-EVM मैचिंग की गई, जो 100% सही पाई गई। चुनाव की अखंडता बरकरार है।” आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि मॉक पोल स्लिप्स को CCTV के तहत नष्ट किया जाए।
NDA ने इसे विपक्ष का ‘झूठा प्रचार’ बताया। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “RJD हार के डर से अफवाहें फैला रहा है। आयोग की त्वरित कार्रवाई साबित करती है कि प्रक्रिया पारदर्शी है।” RJD समर्थक ‘EVM टैंपरिंग’ का आरोप लगा रहे हैं, जबकि NDA यूजर्स ‘लापरवाही का मामला’ बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “मॉक पोल की स्लिप्स पर इतना हंगामा? RJD का ड्रामा बंद करो।”
यह विवाद बिहार चुनाव के पहले चरण (10 नवंबर) से ठीक पहले आया है, जहां सरायरंजन RJD का गढ़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मतदाता विश्वास प्रभावित हो सकता है। आयोग ने कहा कि जांच पूरी होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, समस्तीपुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और वोटिंग शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद है। क्या यह महज लापरवाही है या साजिश? जांच के इंतजार में बिहार की सियासत गरमाती जा रही है।
