डीपफेक धोखाधड़ी का नया जाल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फर्जी वीडियो बनाकर प्रमोट हो रहे स्कैम ऐप्स, लाखों की ठगी
डीपफेक धोखाधड़ी का नया जाल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फर्जी वीडियो बनाकर प्रमोट हो रहे स्कैम ऐप्स, लाखों की ठगी
सोशल मीडिया पर एक खतरनाक साइबर स्कैम का साया मंडरा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का डीपफेक वीडियो बनाकर फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप्स को प्रमोट किया जा रहा है, जिसमें 21,000 रुपये निवेश करने पर महीने भर में 15 लाख तक की कमाई का लालच दिया जा रहा है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) और साइबर क्राइम पुलिस ने इसे फर्जी करार दिया है, लेकिन अब तक दर्जनों लोग ठगे जा चुके हैं। बेंगलुरु में एक 71 वर्षीय डॉक्टर को 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि देशभर में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स की बढ़ती पहुंच ने स्कैमर्स को नई ताकत दी है, और सरकार को सख्त कायदे लाने की जरूरत है।
ये वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे हैं, जहां सीतारमण को दिखाया जाता है कि वे ‘क्वांटमAI’ या ‘क्वांटम ट्रेड’ जैसे ऐप्स की तारीफ कर रही हैं। वीडियो में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और पत्रकार पल्की शर्मा उपाध्याय को भी जोड़ा गया है, जो निवेश की ‘सुरक्षा’ की गारंटी देते नजर आते हैं। PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि ये वीडियो AI से जेनरेटेड हैं – असली इंटरव्यू क्लिप्स (जैसे न्यूज18 का सितंबर 2024 वाला) को मैनिपुलेट करके बनाए गए। रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि मूल वीडियो में सीतारमण ने कभी ऐसी स्कीम का जिक्र नहीं किया। AI डिटेक्शन टूल्स जैसे Hive Moderation ने इसे 99.9% फेक बताया, जबकि ElevenLabs ने वॉयस क्लोनिंग की पुष्टि की।
यह स्कैम मार्च 2025 से सक्रिय है। एक हाइडराबाद डॉक्टर ने 27 मार्च को ऐड देखा, ऐप डाउनलोड किया और ‘प्रॉफिट’ दिखने पर और पैसे डाले। लेकिन विदड्रॉल के समय ऐप ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसी तरह, बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस ने वीराट कोहली और अनंत अंबानी के डीपफेक वीडियोज के साथ यह मामला दर्ज किया, जो IT एक्ट के तहत जांच के दायरे में है। X (पूर्व ट्विटर) पर #DeepfakeScam ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स जैसे @dharmeshba ने शेयर किया कि उनके रिश्तेदारों को व्हाट्सएप पर ये वीडियो भेजे गए। एक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर ने क्लाइंट्स को PIB के डिबंकिंग वीडियो भेजने शुरू कर दिए हैं।
वित्त मंत्री स्वयं ने अक्टूबर 2025 में चेतावनी दी थी कि उन्होंने अपने कई डीपफेक वीडियो देखे हैं। उन्होंने फिनटेक कंपनियों से AI डिफेंस मजबूत करने को कहा, ताकि पब्लिक ट्रस्ट बरकरार रहे। साइबर पीस फाउंडेशन के अनुसार, लिप-सिंक मिसमैच और अननैचुरल ट्रांजिशन से फेक वीडियो पहचाने जा सकते हैं। RBI ने भी स्पष्ट किया कि उसके अधिकारी किसी प्राइवेट ऐप को प्रमोट नहीं करते। विशेषज्ञ विक्टोरिया सैमसन कहती हैं, “डीपफेक सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स स्कैम्स को विश्वसनीय बनाते हैं, लेकिन वेरिफिकेशन ही बचाव है।”
सरकार ने IT मिनिस्ट्री के साथ मिलकर डीपफेक रेगुलेशन पर काम तेज कर दिया है। यूजर्स को सलाह: अनजान ऐप्स डाउनलोड न करें, SEBI-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स ही इस्तेमाल करें, और PIB फैक्ट चेक (@PIBFactCheck) या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें। अगर ‘टू गुड टू बी ट्रू’ लगे, तो शक करें। यह महज स्कैम नहीं, बल्कि डिजिटल ट्रस्ट पर हमला है – जागरूकता ही हथियार है।
