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ED का बड़ा एक्शन: सुरेश रैना और शिखर धवन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस, सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ी 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क!

ED का बड़ा एक्शन: सुरेश रैना और शिखर धवन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस, सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ी 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क!

भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों—सुरेश रैना और शिखर धवन—के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। आईपीएल सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय घोटाले में ED ने दोनों के नाम पर दर्ज 11 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत की गई है, जिसमें आरोप है कि दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने अप्रत्यक्ष रूप से सट्टेबाजी रैकेट को फंडिंग और प्रमोशन में मदद की। ED ने आज दिल्ली के विशेष कोर्ट से कुर्की का आदेश हासिल किया, और दोनों को पूछताछ के लिए समन जारी कर दिया गया है।

मामला 2023 के आईपीएल सीजन से जुड़ा है, जब महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई में एक बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था। जांच में पता चला कि दुबई-बेस्ड बुकमेकर्स ने आईपीएल मैचों पर अवैध सट्टेबाजी के लिए भारतीय क्रिकेटरों के नाम का इस्तेमाल किया। ED का दावा है कि रैना और धवन के नाम पर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टीज—जैसे मुंबई में फ्लैट्स, दिल्ली में कमर्शियल स्पेस और शेयर्स—’प्रॉसीड्स ऑफ क्राइम’ से खरीदी गईं। कुल 11 करोड़ में से 6 करोड़ रैना की और 5 करोड़ धवन की संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी ने कहा कि ये फंड्स हवाला रूट से ट्रांसफर हुए, जो सट्टेबाजी से कमाए गए थे। इसके अलावा, दोनों के सोशल मीडिया हैंडल्स पर प्रमोशनल पोस्ट्स भी जांच के दायरे में हैं, जहां वे स्पोर्ट्स बेटिंग ऐप्स को एंडोर्स करते दिखे।

सुरेश रैना, जो 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे, ने तुरंत सफाई दी। उनके प्रवक्ता ने कहा, “यह आरोप बेबुनियाद हैं। रैना ने कभी सट्टेबाजी में हिस्सा नहीं लिया। हम ED के साथ पूर्ण सहयोग करेंगे और कोर्ट में चुनौती देंगे।” वहीं, शिखर धवन—जिन्हें ‘गब्बर’ के नाम से जाना जाता है—ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन उनके करीबी स्रोतों का कहना है कि वे कानूनी सलाह ले रहे हैं। धवन, जो हाल ही में IPL रिटायरमेंट के बाद कमेंट्री में सक्रिय हैं, पर यह झटका उनके करियर पर सवाल खड़े कर रहा है। ED की जांच में अन्य नाम भी उछले हैं, जैसे कुछ पूर्व IPL खिलाड़ी और बुकमेकर्स, लेकिन रैना-धवन पर फोकस है क्योंकि उनके नाम प्रमोशनल सामग्री में प्रमुख थे।

यह मामला क्रिकेट जगत में हलचल मचा रहा है। BCCI ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आंतरिक जांच शुरू हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ED की यह कार्रवाई सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है, खासकर IPL जैसे मेगा इवेंट्स के बीच। पिछले साल ED ने इसी तरह के एक केस में 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी, जो क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़ा था। रैना और धवन की इमेज पर यह दाग लग सकता है, लेकिन दोनों के वकील दावा कर रहे हैं कि संपत्तियां लीगल सोर्स से हैं।

क्रिकेट बोर्ड और सरकार के लिए यह चेतावनी है: सट्टेबाजी का जाल अब खिलाड़ियों तक पहुंच गया है। क्या रैना-धवन बरी होंगे या यह उनके करियर का अंत साबित होगा? ED की पूछताछ के नतीजे ही फैसला करेंगे। फिलहाल, फैंस सदमे में हैं—कभी मैदान पर धमाल मचाने वाले ये हीरो अब जांच के घेरे में।

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