जयपुर डंपर हादसा: 14 की मौत, 26 घायल; ड्राइवर कल्याण मीणा पर गैरइरादतन हत्या का केस, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड – अब तक की पूरी टाइमलाइन
जयपुर डंपर हादसा: 14 की मौत, 26 घायल; ड्राइवर कल्याण मीणा पर गैरइरादतन हत्या का केस, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड – अब तक की पूरी टाइमलाइन
राजस्थान के जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर एक भयानक सड़क हादसे ने शहर को हिलाकर रख दिया। लोहमंडी के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने 17 से ज्यादा वाहनों को 5 किलोमीटर तक घसीटते हुए रौंद दिया, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 26 घायल हुए। हादसे में ड्राइवर कल्याण मीणा पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने और लापरवाही का आरोप लगा, जिसके चलते उसके खिलाफ गैरइरादतन हत्या (IPC धारा 304A) का केस दर्ज किया गया। साथ ही, नो-एंट्री जोन में डंपर को घुसने देने की लापरवाही बरतने पर 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पीड़ितों के परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है। आइए जानते हैं हादसे के बाद अब तक के प्रमुख घटनाक्रम।
हादसे का पूरा विवरण: ब्रेक फेल या नशे का नतीजा?
सोमोन 3 नवंबर, दोपहर 2:30 बजे: हरमाड़ा के लोहमंडी रोड पर VKI एरिया की ओर जा रहे एक खाली डंपर (RJ 14 GA 0520) ने अचानक कंट्रोल खो दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, ड्राइवर कल्याण मीणा ने 100 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड में गाड़ी चला रहे थे। डंपर ने पैदल यात्रियों, बाइक सवारों और कारों को 400 मीटर तक रौंदा, और फिर 1.5 किमी आगे पेट्रोल पंप के पास एक कार से भिड़ंत के बाद रुका। हादसे में वाहनों के परखचे उड़ गए, और सड़क पर खून और मलबे का अंबार लग गया। एक चश्मदीद ने कहा, “यह नरसंहार जैसा था। डंपर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।”
मौतें और घायल: मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में 7 घायल गंभीर हैं। कुल 26 घायलों में से 10 को छुट्टी मिल चुकी है।
डंपर पर लिखा था: हादसे वाले डंपर के पीछे लिखा था – “हिम्मत हो तो ओवरटेक कर लो, वरना बर्दाश्त कर लो।” जो हादसे की विडंबना को दर्शाता है।
ड्राइवर पर कार्रवाई: नशे में था कल्याण मीणा?
गिरफ्तारी: हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर कल्याण मीणा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। मेडिकल जांच में शराब का सेवन पाया गया, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस का कहना है कि हादसे से 1.5 किमी पहले मीणा ने एक कार चालक से झगड़ा किया था, जिसके बाद स्पीड बढ़ा दी।
केस दर्ज: मीणा के खिलाफ IPC धारा 304A (गैरइरादतन हत्या), 337 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज। डंपर पर पहले भी 3 ओवरलोडिंग चालान कट चुके हैं, आखिरी 17,000 रुपये का 6 जून से लंबित।
डंपर मालिक: डंपर VKI एरिया के एक ठेकेदार का है। पुलिस मालिक से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप: 3 को सस्पेंड, 5 पर कार्रवाई
सस्पेंशन: सोमवार रात ट्रैफिक DCP सुमित मेहराड़ा ने नो-एंट्री जोन में डंपर को घुसने देने की लापरवाही पर ट्रैफिक CI राजकीरन, ASI राजपाल सिंह और कांस्टेबल महेश कुमार को सस्पेंड कर दिया। कुछ रिपोर्ट्स में 5 पुलिसकर्मियों का जिक्र है।
जांच कमिटी: जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र सोनी ने 7 सदस्यीय जांच समिति गठित की, जो 5 दिनों में रिपोर्ट देगी। इसमें ब्रेक फेल, नशा और ट्रैफिक सिस्टम की खामियां जांचेंगी।
सरकारी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा: हादसे पर दुख जताते हुए शराबी ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसल करने के निर्देश दिए। मृतकों के परिवार को 2 लाख, घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता।
पीएम नरेंद्र मोदी: ट्वीट में शोक व्यक्त, PMNRF से 2 लाख की सहायता घोषित। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दुख जताया।
विपक्ष: कांग्रेस और अन्य दलों ने ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाए, सख्त कार्रवाई की मांग की।
आगे की जांच: क्या निकलेगा परिणाम?
पुलिस CCTV फुटेज, ब्लैक बॉक्स और मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग और नो-एंट्री उल्लंघन से बचने के लिए सख्ती जरूरी। यह हादसा राजस्थान में रोड सेफ्टी पर बहस छेड़ रहा है। फिलहाल, मीणा न्यायिक हिरासत में है, और जांच जारी। अपडेट्स के लिए बने रहें!
