कार्तिक पूर्णिमा 2025 पर दुर्लभ संयोग: 90 साल बाद बनेगा शुभ योग, इन 3 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
कार्तिक पूर्णिमा 2025 पर दुर्लभ संयोग: 90 साल बाद बनेगा शुभ योग, इन 3 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
कार्तिक पूर्णिमा का पावन पर्व 5 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा, जब पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर सुबह 10:36 बजे से शुरू होकर 5 नवंबर शाम 6:48 बजे तक रहेगी। इस बार यह तिथि उदय तिथि के अनुसार मनाई जाएगी। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है—90 वर्षों बाद अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:55 से 12:35 बजे) के साथ पूर्णिमा का योग बनेगा, जो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा का प्रतीक है। इस संयोग से धन, समृद्धि और भाग्य के द्वार खुलेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दीपदान, विष्णु-लक्ष्मी पूजा और कनकधारा स्तोत्र पाठ करने से पाप नाश होता है और सुख-समृद्धि प्राप्ति के योग बनते हैं।
वृषभ राशि: आर्थिक उन्नति के द्वार खुलेंगे
वृषभ राशि के जातकों के लिए कार्तिक पूर्णिमा सबसे शुभ रहेगी। मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से धन लाभ, नौकरी में प्रमोशन या व्यापार में वृद्धि के योग बनेंगे। इस दिन शनि की दृष्टि से लाभ मिलेगा, और पुरानी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। पूजा में हल्दी के बीज का दान करें।
कन्या राशि: सौभाग्य और स्वास्थ्य में सुधार
कन्या राशि वालों के लिए यह पूर्णिमा सौभाग्यशाली साबित होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य में वृद्धि होगी, और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं दूर होंगी। मानसिक शांति मिलेगी, और पारिवारिक सुख बढ़ेगा। विष्णु पूजा में लाल फूल अर्पित करें।
मेष राशि: भाग्य चमकेगा, नई शुरुआत का समय
मेष राशि के लोगों पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा बरसेगी। रुका हुआ भाग्य चमकेगा, नई नौकरी या व्यापारिक अवसर मिलेंगे। रोग-बीमारियां दूर होंगी, और समाज में सम्मान बढ़ेगा। इस दिन सफेद मिठाई का दान करें।
पूजा विधि और उपाय: लक्ष्मी कृपा के लिए
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें, सफेद वस्त्र धारण करें। लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति स्थापित कर चंदन, कुमकुम, फूल, कौड़ी और चांदी का सिक्का अर्पित करें। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। शाम को दीपदान करें। उपाय: लाल तिलक लगाएं, हल्दी के बीज लाल कपड़े में बांधकर लक्ष्मी को समर्पित करें। इससे तिजोरी में चमत्कार होगा।
यह संयोग सभी राशियों के लिए शुभ है, लेकिन ऊपर बताई 3 राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। पूजा में मन की शुद्धता रखें।
