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काशी में देव दीपावली की भव्य तैयारी: डमरू की गूंज और लाखों दीपों से जगमगाएगी गंगा घाट, ‘काशी-कथा’ में शिवभक्ति का अनोखा संगम

काशी में देव दीपावली की भव्य तैयारी: डमरू की गूंज और लाखों दीपों से जगमगाएगी गंगा घाट, ‘काशी-कथा’ में शिवभक्ति का अनोखा संगम

कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी धाम में देव दीपावली की धूम मचने वाली है, जहां डमरू की गूंज और लाखों दीपों की ज्योति से गंगा घाट जगमगा उठेंगे। यह पर्व, जो देवताओं की पृथ्वी पर गंगा स्नान का उत्सव है, काशी की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊंचाई देगा। काशी नगरी को 2 नवंबर से ही सजावट में रंगा जा रहा है, और मुख्य आयोजन 5 नवंबर को होगा। इस बार ‘काशी-कथा’ नामक विशेष कार्यक्रम में शिवभक्ति का अनोखा चित्रण होगा, जहां भगवान शिव की कथाओं को नृत्य, संगीत और लाइट-एंड-साउंड शो के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

देव दीपावली का महत्व: देवताओं का गंगा स्नान

देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह पर्व, मान्यता के अनुसार स्वर्गीय देवताओं का पृथ्वी पर गंगा स्नान है। काशी में यह उत्सव गंगा के 84 घाटों पर लाखों दीपों से जगमगाहट के साथ मनाया जाता है, जो पाप नाश और समृद्धि का प्रतीक है। इस वर्ष, राज्य सरकार और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रबंधन ट्रस्ट ने इसे भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। डमरू की ध्वनि से शुरू होकर आरती और दीपदान तक का यह अनुष्ठान काशी की शिवभक्ति को दुनिया के सामने पेश करेगा।

‘काशी-कथा’: शिवभक्ति का नृत्य-नाट्य चित्रण

कार्यक्रम का स्वरूप: 5 नवंबर को दशाश्वमेध घाट पर ‘काशी-कथा’ का मंचन होगा, जहां शिव महिमा पर आधारित नृत्य-नाटिका होगी। इसमें कथक, भरतनाट्यम और लोक नृत्यों का मिश्रण होगा, जो भगवान शिव की लीला को दर्शाएगा। लाइटिंग, प्रोजेक्शन मैपिंग और ड्रोन शो से घाटों को दिव्य रूप दिया जाएगा।

मुख्य आकर्षण: डमरू वादन से उद्घाटन, गंगा आरती के दौरान 5 लाख दीप प्रज्वलन, और ‘काशी विश्वनाथ महिमा’ पर आधारित साउंड-एंड-लाइट शो। पर्यटन विभाग ने इसे ‘वर्ल्ड क्लास इवेंट’ बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

समयरेखा: शाम 5 बजे से डमरू वादन, 6 बजे ‘काशी-कथा’ मंचन, 7 बजे दीपदान और आरती।

तैयारियां और व्यवस्थाएं

सजावट: 84 घाटों पर 15 लाख दीप, फूलों की मंडपें, रंगोली और लाइटिंग। काशी विश्वनाथ मंदिर को विशेष श्रृंगार दिया गया है।

सुरक्षा: 5,000 पुलिसकर्मी, CCTV, ड्रोन निगरानी, और मेडिकल कैंप। यातायात डायवर्ट, पार्किंग और फ्लोटिंग होटल की व्यवस्था।

पर्यटन बूस्ट: CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देव दीपावली काशी को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाएगी।” पिछले वर्ष 50 लाख पर्यटक आए थे; इस बार 70 लाख की उम्मीद।

यह पर्व काशी की शिवभक्ति और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर चमकाएगा। श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए उमड़ेंगे, और ‘काशी-कथा’ शिव की महिमा को अमर बनाएगा।

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