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बिहार चुनाव से पहले मोकामा हत्याकांड: दुलारचंद यादव की मौत पर पोस्टमार्टम ने खोला राज

बिहार चुनाव से पहले मोकामा हत्याकांड: दुलारचंद यादव की मौत पर पोस्टमार्टम ने खोला राज

बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला रही है। 31 अक्टूबर 2025 को बिहार के मोकामा (पटना जिले) में जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व राजद नेता दुलारचंद यादव की संदिग्ध मौत के बाद पटना सदर अस्पताल में हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट से साफ हो गया है कि उनकी मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि फेफड़े फटने (लंग रप्चर), छाती की कई पसलियों के टूटने (रिब फ्रैक्चर) और आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) से हुई। आधिकारिक कारण कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर बताया गया है। यह रिपोर्ट तीन डॉक्टरों (डॉ. अजय कुमार, डॉ. रोहन और डॉ. दिलीप) के पैनल ने तैयार की है।

घटना कैसे हुई? समयरेखा

30 अक्टूबर 2025, दोपहर: दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में मोकामा के तारताड़ (टाल) गांव में प्रचार कर रहे थे। यहां बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों के साथ झड़प हो गई। भीड़ ने उन पर पत्थरबाजी की, लाठी-डंडों से हमला किया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि उन्हें पीछे से किसी भारी चीज (संभवतः गाड़ी या पैर से) धक्का दिया गया, जिससे वे गिर पड़े।

गोली का रोल: पैर के टखने (एंकल जॉइंट) के पास गोली लगी, जो आर-पार हो गई। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि यह चोट जानलेवा नहीं थी—यह हल्की थी और मौत का कारण नहीं बनी।

हमले की क्रूरता: पोस्टमार्टम में शरीर पर कई गहरे घाव, छिलने के निशान, मारपीट के चिह्न और खून जमने के सबूत मिले। खासकर दाहिनी छाती और रीढ़ के पास चोटें गंभीर थीं, जो पत्थरों या लाठियों से लगी लगती हैं। पुलिस जांच में पता चला कि हमले में इस्तेमाल पत्थर स्थानीय नहीं, बल्कि बड़े बोल्डर थे—यह साजिश का संकेत देता है।

मौत का तुरंत बाद: दुलारचंद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शव यात्रा के दौरान हिंसा भड़की—अनंत सिंह समर्थकों पर पत्थर फेंकने का आरोप लगा, जिससे तीन FIR दर्ज हुईं। पोस्टमार्टम में देरी हुई, लेकिन शाम 5 बजे शव परिवार को सौंपा गया। अंतिम संस्कार भारी सुरक्षा में हुआ।

पोस्टमार्टम के प्रमुख खुलासे

मुख्य कारण: फेफड़े फटने से आंतरिक रक्तस्राव, जो कार्डियो-पल्मोनरी फेल्योर का सबब बना। पसलियां टूटने से सांस लेना मुश्किल हो गया।

अन्य चोटें: पूरे शरीर पर चोटें, लेकिन कोई घातक बाहरी घाव नहीं। डॉ. अजय कुमार ने कहा, “गोली से मौत नहीं हुई; अंदरूनी चोटें घातक थीं। फाइनल रिपोर्ट शनिवार (1 नवंबर) को सार्वजनिक होगी।”

सस्पेंस बरकरार: सवाल उठ रहे हैं—क्या कुचलना गाड़ी से हुआ या पैरों तले? पुलिस और चुनाव आयोग (EC) जांच कर रहे हैं। EC ने DGP से रिपोर्ट तलब की है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया

दुलारचंद यादव (उम्र 55) एक समय लालू प्रसाद के करीबी और राजद नेता रहे, लेकिन बाद में जन सुराज से जुड़े। मोकामा सीट पर अनंत सिंह (जदयू) और दुलारचंद की पुरानी दुश्मनी जगजाहिर है—यह अपराध-राजनीति का कॉकटेल है। जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इसे “सुनियोजित हत्या” बताया, जबकि अनंत सिंह ने इनकार किया। अब तक चार FIR दर्ज: हमला, पत्थरबाजी, शव यात्रा हिंसा और साजिश पर। दो लोग (कर्मवीर और राजबीर, अनंत सिंह के कथित करीबी) गिरफ्तार। पटना ग्रामीण SP विक्रम सिहाग ने कहा, “जांच तेज; कोई बख्शा नहीं जाएगा।”

यह घटना बिहार चुनाव 2025 को और गरमा रही है।

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