राजनीति

‘कोई मारीच, सुबाहु सिर न उठा सके…’: सिवान चुनावी रंजिश पर CM योगी का रामायण से तंज, बाहुबलियों पर निशाना

‘कोई मारीच, सुबाहु सिर न उठा सके…’: सिवान चुनावी रंजिश पर CM योगी का रामायण से तंज, बाहुबलियों पर निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सिवान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रामायण के राक्षसों का जिक्र कर विपक्षी बाहुबलियों पर जोरदार हमला बोला। “कोई मारीच, सुबाहु सिर न उठा सके” कहते हुए योगी ने साफ संकेत दिया कि भाजपा शासित बिहार में अपराधी तत्वों और ‘राक्षसी’ शक्तियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान सिवान की राजनीतिक हलचल के बीच आया, जहां बाहुबली विधायक ओमप्रकाश सिंह (हम) और प्रणव सिंह (भाजपा) के बीच तनातनी चरम पर है। योगी का यह तीर सीधा ‘माफिया राज’ पर था, जिसे वे विपक्ष (राजद-कांग्रेस) से जोड़ रहे हैं।

बयान का पूरा संदर्भ: रामायण से चुनावी प्रहार

सिवान के राजेंद्र स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशी प्रणव सिंह के समर्थन में हुई सभा में योगी ने कहा, “रामायण में मारीच और सुबाहु जैसे राक्षसों ने भगवान राम के वनवास को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन राम ने उन्हें संहार कर दिया। आज बिहार में भी ऐसे मारीच-मारीच (धोखेबाज) और सुबाहु (अपराधी) घूम रहे हैं, जो समाज को बांटना चाहते हैं। लेकिन नीतीश-मोदी की जोड़ी के राज में कोई सिर न उठा सकेगा।” यह बयान सिवान के कुख्यात अपराध इतिहास (मोहम्मद शहाबुद्दीन कांड) को निशाने पर लेते हुए आया। योगी ने आगे कहा, “विपक्ष वाले रावण-मारीच की तरह वोट के लिए समाज को जाति-धर्म पर बांटते हैं, लेकिन हम रामराज्य लाएंगे।”

यह बयान योगी के गोपालगंज-सिवान दौरे का हिस्सा है, जहां वे 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं। सिवान सीट पर प्रणव सिंह (पुत्रवधू) का मुकाबला ओमप्रकाश सिंह (हम) से है, और पुरानी रंजिश (पारिवारिक विवाद) ने इसे गरमा दिया है।

सिवान में तनाव: बाहुबली राज का पुराना दाग

चुनावी बैकग्राउंड: सिवान हमेशा से बाहुबलियों का गढ़ रहा। शहाबुद्दीन (पूर्व सांसद, राजद) के काल में दर्जनों हत्याएं हुईं। अब ओमप्रकाश सिंह (पूर्व भाजपा, अब हम) पर अपराध के आरोप हैं, जबकि प्रणव सिंह भाजपा की ‘साफ-सुथरी’ इमेज पर दांव लगा रहे हैं। योगी का दौरा भाजपा को मजबूत करने के लिए है।

हालिया घटनाएं: 28 अक्टूबर को सिवान में प्रचार के दौरान दो गुटों में झड़प हुई, जिसमें गोली चली। पुलिस ने 20 से ज्यादा गिरफ्तारियां कीं। योगी ने इसे “राक्षसों की आखिरी सांस” बताया।

योगी की रणनीति: यह बयान भाजपा की ‘शून्य अपराध’ कैंपेन का हिस्सा है। योगी ने कहा, “यूपी में 80-90 के दशक का माफिया खत्म हो गया, बिहार में भी होगा।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: विपक्ष भड़का

राजद (तेजस्वी यादव): “योगी रामायण पढ़ने के बजाय बिहार के गरीबों की चिंता करें। यह बयान सिवान को फिर खून से रंगने की साजिश है।” तेज प्रताप ने एक्स पर पोस्ट किया, “मारीच कौन? योगी खुद राक्षस हैं!”

कांग्रेस (राहुल गांधी): “रामायण का अपमान कर रहे हैं। बाहुबली प्रणव सिंह को टिकट देकर क्या साबित कर रहे?”

भाजपा का पलटवार: अमित शाह ने कहा, “योगी साहब सही कह रहे। विपक्ष के रावणों को राम बाण चाहिए।” नीतीश कुमार ने समर्थन जताया, “बिहार में सुशासन आएगा।”

आगे क्या? चुनाव पर असर

यह बयान बिहार चुनाव को धार्मिक-नैतिक रंग देगा। सिवान में वोटिंग 3 नवंबर को है, और योगी का दौरा भाजपा को फायदा पहुंचा सकता है। लेकिन विपक्ष इसे “भड़काऊ” बता EC से शिकायत कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रामायण का इस्तेमाल भाजपा की हिंदुत्व रणनीति का हिस्सा है, जो पिछली बार सफल रहा।

लाइव अपडेट्स: योगी की अगली सभा गोपालगंज में। क्या लगता है, बाहुबलियों का अंत होगा?

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