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ममता कुलकर्णी का विवादित बयान: ‘दाऊद आतंकवादी नहीं’ से यू-टर्न, अब बोलीं- ‘वो आतंकवादी है, मैं विक्की गोस्वामी की बात कर रही थी’

ममता कुलकर्णी का विवादित बयान: ‘दाऊद आतंकवादी नहीं’ से यू-टर्न, अब बोलीं- ‘वो आतंकवादी है, मैं विक्की गोस्वामी की बात कर रही थी’

90 के दशक की मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री से अब साध्वी बन चुकीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर अपने विवादास्पद बयान से सुर्खियों में हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया, जहां उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को ‘आतंकवादी नहीं’ बताते हुए मुंबई बम ब्लास्ट से उनका नाम जोड़ने को गलत ठहराया। लेकिन विवाद बढ़ने के बाद ममता ने तुरंत यू-टर्न ले लिया और सफाई दी कि उनका इशारा दाऊद की ओर नहीं, बल्कि उनके पूर्व साथी विक्की गोस्वामी की ओर था।

विवाद का बैकग्राउंड: क्या कहा था ममता ने?

29 अक्टूबर को गोरखपुर के पीपीगंज स्थित किन्नर अखाड़ा में एक भजन कार्यक्रम के दौरान ममता (अब यमाई ममता नंद गिरी के नाम से जानी जाती हैं) से पत्रकारों ने उनके अतीत और दाऊद से कथित कनेक्शन पर सवाल किए। ममता ने जवाब में कहा, “दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं है। उन्होंने मुंबई में कभी कोई बम ब्लास्ट नहीं किया। मेरा दाऊद से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जिन लोगों से मेरा नाम जोड़ा जाता है, उन्होंने देश के अंदर कोई एंटी-नेशनल एक्टिविटी नहीं की।” यह बयान वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। यूजर्स ने इसे “दाऊद का बचाव” बताते हुए मीम्स और आलोचना की बौछार कर दी। कई ने इसे “पब्लिसिटी स्टंट” करार दिया, जबकि कुछ ने ममता को “देशद्रोही” तक कह डाला।

ममता का यह बयान उनके विवादित अतीत से जुड़ गया। 90 के दशक में ममता पर दाऊद के साथ दुबई में ड्रग्स केस में नाम जोड़ा गया था, हालांकि वह कभी दोषी साबित नहीं हुईं। 2015 में विक्की गोस्वामी (जिनके साथ उनका नाम जोड़ा जाता था) को अमेरिका से ड्रग्स केस में रिहा किया गया था, और ममता ने तब कहा था कि विक्की निर्दोष हैं।

यू-टर्न और सफाई: ‘मैं कट्टर हिंदूवादी हूं, दाऊद आतंकवादी है’

विवाद के एक दिन बाद, 30 अक्टूबर को ममता ने गोरखपुर में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी। उन्होंने कहा, “मेरा बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मैं दाऊद की बात नहीं कर रही थी, बल्कि विक्की गोस्वामी की बात कर रही थी, जिन्हें गलत तरीके से फंसाया गया था। दाऊद इब्राहिम आतंकवादी था, है और रहेगा। मैं कट्टर हिंदूवादी हूं और देशविरोधी किसी से कोई रिश्ता नहीं रखती।” ममता ने जोर देकर कहा कि उन्होंने दाऊद से कभी मुलाकात नहीं की और उनका इशारा हमेशा निर्दोष लोगों की ओर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने बयान को “संदर्भ से बाहर” निकालने का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया पर हलचल: मीम्स से लेकर गुस्से तक

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #MamtaKulkarni और #DawoodIbrahim ट्रेंड कर रहा है। कुछ पोस्ट्स में यूजर्स ने व्यंग्य किया: “ममता जी, दाऊद को साध्वी बना देंगी क्या?” जबकि अन्य ने सफाई का समर्थन किया। एक पोस्ट में लिखा गया, “अब यू-टर्न ले लिया, लेकिन नुकसान हो चुका।” संत समाज भी भड़क गया था, जिन्होंने ममता को “आतंकवादियों का महिमामंडन” करने का आरोप लगाया।

क्या है सच्चाई? दाऊद का बैकग्राउंड

दाऊद इब्राहिम भारत का सबसे बड़ा फरार अपराधी और आतंकवादी है। 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट (257 मौतें) का मास्टरमाइंड होने के कारण उसे FBI और भारत सरकार ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है। वह पाकिस्तान में ISI की सुरक्षा में रहता है। ममता का मूल बयान इस तथ्य के खिलाफ था, जिसने विवाद को हवा दी।

ममता का यह कदम उनके पिछले विवादों (जैसे किन्नर अखाड़े से महामंडलेश्वर पद से हटना) को याद दिलाता है। अब देखना है कि क्या यह मामला शांत होता है या और तूल पकड़ता है।

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